हापुड़ के इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथि और गणमान्य लोग.   

हापुड़ (UP)। युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने और उनमें उद्यमिता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से स्थानीय इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड मैनेजमेंट में उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और युवाओं को स्वरोजगार, व्यापार तथा उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक करते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ अतिथियों और अनुभवी वक्ताओं ने युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं का व्यवसायी (Entrepreneur) बनना अधिक बेहतर विकल्प है। युवा अपना व्यवसाय शुरू कर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

वक्ताओं ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें व्यापार के नए अवसरों की जानकारी दी। साथ ही स्वरोजगार और उद्यमिता को अपनाकर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता संजय गुप्ता (निर्दोष टायर वाले), डॉ. विपिन गुप्ता, कपिल नारंग, सुधांशु बिश्नोई (सह प्रांत संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच), नरेंद्र शर्मा (संगठन मंत्री, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत), वैद्य करुण शर्मा और विजेंद्र सिंह सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग, शिक्षाविद और व्यापारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संयुक्त रूप से संचालन डॉ. अजीत सिंह और नितिन गोयल ने किया। इस दौरान मोहित गोयल, सुदन सिंह, हेम सिंह, घनश्याम कश्यप, अरुण शर्मा, आदित्य खरबंदा, अजय यादव, ऋषभ गुप्ता और प्रतीक शर्मा सहित कॉलेज स्टाफ तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय के प्रति जागरूक करने के साथ ही उन्हें नौकरी मांगने के बजाय रोजगार सृजन करने वाला बनने का संदेश दिया गया।

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