हापुड़ में दीपावली से पहले मिलावट रोकने के लिए FSDA टीम ने मिठाई निर्माण स्थल पर छापेमारी की।

दीपावली से पहले हापुड़ में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अभियान तेज कर दिया है। त्योहार के दौरान बाजारों में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में करीब 10 ठिकानों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई से बाजारों और मिठाई कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

त्योहारों के दौरान मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ मिलावटखोरी की आशंका को देखते हुए FSDA की टीम ने विभिन्न दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान रंगीन मिठाई, रसगुल्ला, छेना रसगुल्ला, सोनपापड़ी और बूंदी के लड्डू के नमूने लिए गए। इसके अलावा खोया (मावा), देसी घी और ड्राई फ्रूट्स के सैंपल भी एकत्र किए गए।

विभागीय टीम ने सभी नमूनों को गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, लैब रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में किसी भी प्रकार की मिलावट या निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत कमी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों और कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

FSDA ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग की ओर से बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस अभियान का उद्देश्य दीपावली के अवसर पर आम जनता को मिलावट रहित और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। विभाग ने साफ किया है कि दीपावली का त्योहार संपन्न होने तक बाजारों में निगरानी और छापेमारी की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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