एमपीलैड्स कार्यों में देरी पर मंडलायुक्त राजेश प्रकाश नाराज, 15 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश
मीरजापुर मंडल में एमपीलैड्स कार्यों की समीक्षा में कई परियोजनाएं अधूरी मिलीं। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने नाराजगी जताते हुए 2023-24 और 2024-25 के कार्य 15 अक्टूबर 2026 तक पूरे कराने के निर्देश दिए।
तस्वीर में मंडलायुक्त सभागार मीरजापुर में आयोजित एमपीलैड्स समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारी और जनप्रतिनिधि नजर आ रहे हैं।
मीरजापुर, 9 सितम्बर 2026। संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) के तहत स्वीकृत कार्यों में देरी और कई परियोजनाओं के अधूरे रहने पर मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने नाराजगी जताई। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने मंडल के तीनों जनपदों के अधिकारियों को स्वीकृत कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत स्वीकृत प्रत्येक कार्य को एक वर्ष के भीतर हर स्थिति में पूरा कराया जाए।
उत्तर प्रदेश शासन की व्यवस्था के क्रम में मंडलों में संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड्स) के कार्यों की संसद सदस्यों को आमंत्रित करते हुए वर्ष में एक बार मंडलायुक्त द्वारा समीक्षा की जाती है। इसी क्रम में आयोजित बैठक में सांसदों के प्रस्तावों की स्वीकृति, कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने तथा निर्माण संस्थाओं को प्रथम किस्त की धनराशि समय से अवमुक्त किए जाने की स्थिति पर चर्चा हुई।
योजना के जनपद स्तर पर क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सांसद से प्रस्ताव प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर कार्य की स्वीकृति, स्वीकृति के तीन माह के भीतर संस्था से कार्य शुरू कराकर प्रथम किस्त अवमुक्त कराने और प्रत्येक दशा में एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश हैं। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने मंडल के तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा के दौरान जनपद मीरजापुर में वर्ष 2023-24 के स्वीकृत तीन तथा वर्ष 2024-25 के स्वीकृत दो कार्य अधूरे पाए गए। लगभग ढाई वर्ष पूर्व स्वीकृत बाबू उपरौध इंटर कालेज, लालगंज में छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ था। इस कार्य पर धनराशि अवमुक्त न किए जाने की स्थिति पर मंडलायुक्त ने जनपद की कार्यप्रणाली पर अप्रसन्नता व्यक्त की।
जनपद सोनभद्र में वर्ष 2023-24 के तीन विद्यालयों तथा वर्ष 2024-25 के एक विद्यालय में स्वीकृत शिक्षण कक्षों का निर्माण अधूरा पाया गया। वहीं, वर्ष 2025-26 में स्वीकृत एक कार्य भूमि विवाद के कारण अनारम्भ बताया गया। यह जानकारी सांसद राबर्ट्सगंज द्वारा दी गई।
जनपद भदोही में वर्ष 2025-26 के स्वीकृत 13 कार्यों तथा वर्ष 2026-27 के स्वीकृत एक इंटरलाकिंग कार्य पर तीन माह से लेकर सवा साल तक का समय बीत जाने के बाद भी संस्था से कार्य प्रारम्भ नहीं कराया जा सका था। साथ ही संस्था को प्रथम किस्त भी अवमुक्त नहीं की जा सकी थी। इस स्थिति पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने जनपदों को निर्देश दिया कि मुख्य विकास अधिकारी निर्माण संस्थाओं के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें और वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के अपूर्ण कार्यों को प्रत्येक दशा में 15 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कराएं। उन्होंने कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में वर्षवार और सांसदवार अधूरे कार्यों का प्रस्तुतीकरण संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र ने किया। बैठक में जूम लिंक के माध्यम से जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार, जिलाधिकारी भदोही शैलेष कुमार, जिलाधिकारी सोनभद्र चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी मीरजापुर विशाल कुमार, मुख्य विकास अधिकारी भदोही और मुख्य विकास अधिकारी सोनभद्र जुड़े रहे।
बैठक में सांसद लोक सभा क्षेत्र राबर्ट्सगंज छोटेलाल खरवार, सांसद भदोही डॉ. विनोद बिन्द के प्रतिनिधि संजय बिन्द तथा सांसद मीरजापुर श्रीमती अनुप्रिया पटेल के प्रतिनिधि अवध नरेश सिंह, मंडलीय अर्थ एवं संख्याधिकारी राम नारायन यादव, मंडल के तीनों जनपदों के परियोजना निदेशक डीआरडीए धर्मजीत सिंह तथा संबंधित निर्माण संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा में दिए गए निर्देशों के अनुसार अब एमपीलैड्स के अपूर्ण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कराकर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।