हापुड़ के देहात क्षेत्र स्थित देव मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की संयुक्त टीम छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और मिलावटी खाद्य सामग्रियों की जांच करती हुई।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। मिलावटी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने और नकली सामान बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए विभाग की संयुक्त टीम ने हापुड़ देहात क्षेत्र के एलएन रोड स्थित देव मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर औचक छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के अंदर खाद्य पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल की जा रही सामग्रियों को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से 8 क्विंटल तैयार क्रीम और भारी मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा 20 क्विंटल रिफाइंड ऑयल सील कर दिया।

FSDA अधिकारियों के मुताबिक, देव मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में दूध के बजाय स्प्रेटा दही, वनस्पति (डालडा) और रिफाइंड तेल जैसी सामग्रियों को मिलाकर क्रीम तैयार की जा रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि इस तरह तैयार की गई क्रीम को बाजार में असली क्रीम के रूप में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह सस्ते तेल और अन्य सामग्रियों के मिश्रण से क्रीम तैयार कर उसकी बिक्री की जा रही थी, जो लोगों की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला है।

सहायक आयुक्त के नेतृत्व में पहुंची अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ खाद्य पदार्थ तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच की। इस दौरान टीम ने अलग-अलग खाद्य सामग्रियों और तैयार उत्पादों के कुल 11 नमूने लिए। सभी नमूनों को राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला (फूड टेस्टिंग लैब) भेज दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी 100% पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एलएन रोड स्थित देव मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर बड़ी छापेमारी और सीलिंग की खबर फैलते ही हापुड़ और आसपास के देहात क्षेत्रों के डेयरी संचालकों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया। FSDA ने साफ किया है कि त्योहारों और आम दिनों में भी आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।

लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित यूनिट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 11 नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

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