एटा में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा फील्ड ट्रेनर को बैग सौंपा जा रहा है।

एटा में जनगणना 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार से जिला पंचायत सभागार में फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रथम स्लॉट में 7, 8 और 9 अक्टूबर को फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी जा रही है। द्वितीय स्लॉट का प्रशिक्षण 14, 15 और 16 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये फील्ड ट्रेनर्स तहसील स्तर पर गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य का प्रशिक्षण देंगे। जिलाधिकारी के निर्देशन में मास्टर ट्रेनर्स ने फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना की प्रक्रिया, गणना के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों और लोगों से सही तरीके से जानकारी प्राप्त करने के बारे में विस्तार से बताया।

प्रशिक्षण के दौरान संवेदनशील और व्यक्तिगत प्रकृति के सवाल लोगों से शालीनता के साथ पूछने तथा प्राप्त जानकारी को निर्धारित प्रारूप में सही ढंग से दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने फील्ड ट्रेनर्स से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने को कहा, ताकि आगे तहसील स्तर पर गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को सही एवं प्रभावी तरीके से प्रशिक्षण दिया जा सके।

जिलाधिकारी एम. अरुनमोली ने पत्रकारों के सवाल पर बताया कि इस बार आम नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से स्व-गणना करने की सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि 16 से 30 नवंबर के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्व-गणना कर सकेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि पिछली बार जनगणना में एटा जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया था और इस बार भी जिले को अग्रणी रखने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी सीपी पाठक सहित बड़ी संख्या में फील्ड ट्रेनर्स मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि जनगणना के दौरान जिले के प्रत्येक शहर, गांव और परिवार तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई भी नाम छूटने न पाए। इस प्रशिक्षण के जरिए तहसील स्तर पर होने वाले जनगणना कार्य के लिए फील्ड टीमों को तैयार किया जा रहा है।

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