हापुड़ में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पोस्टरवार, सपा नेता ने लगाए 'नो एंट्री' के पोस्टर
हापुड़ में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित बयान को लेकर विरोध तेज हो गया है। दिल्ली रोड समेत कई स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में उनके यूपी प्रवेश पर रोक की मांग और धर्म के नाम पर राजनीति के खिलाफ संदेश दिए गए हैं।
हापुड़ में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ लगाए गए विरोध प्रदर्शन के पोस्टर।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित बयान को लेकर विरोध तेज हो गया है। उनके खिलाफ शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जाने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) छात्र सभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने इन पोस्टरों के जरिए धीरेंद्र शास्त्री के उत्तर प्रदेश में प्रवेश का विरोध जताया है।
हापुड़ के दिल्ली रोड सहित कई प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में उनके कथित बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा गया है, "ईशनिंदा करने वालों का उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर प्रवेश वर्जित है।" पोस्टरों पर लिखे संदेशों ने सड़क से गुजरने वाले लोगों और राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया है। इसके बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इन पोस्टरों को समाजवादी पार्टी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने लगवाया है। उनके इस कदम को धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ राजनीतिक विरोध के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्टरों के माध्यम से रविंद्र यादव ने अपनी और अपनी पार्टी की नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर की है।
पोस्टरों में केवल कथित बयान का विरोध ही नहीं किया गया है, बल्कि धर्म के नाम पर राजनीति करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। इनमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है, "धर्म के नाम पर राजनीति करना बंद करो।" विरोध करने वाले इस मामले को धार्मिक भावनाओं, सामाजिक सम्मान और धर्म के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश से जोड़कर देख रहे हैं।
इस घटनाक्रम में सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव का आधिकारिक बयान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान में पोस्टर लगवाने की वजह और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ विरोध का पक्ष सामने आने की बात कही गई है।
पोस्टर लगाए जाने के बाद हापुड़ की स्थानीय राजनीति में बयानबाजी और चर्चाएं तेज हो गई हैं। शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इन पोस्टरों ने धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयान को लेकर विवाद को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब इस विरोध पर अन्य राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और खुद धीरेंद्र शास्त्री या उनके संगठन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।