हापुड़ में टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई ताकत, अब NCC कैडेट्स भी संभालेंगे जागरूकता की जिम्मेदारी
हापुड़ में टीबी मुक्त भारत अभियान से अब एनसीसी कैडेट्स भी जुड़ेंगे। एस.एस.वी. इंटर कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष प्रशिक्षण देकर टीबी के लक्षण, जांच, बचाव और मुफ्त इलाज की जानकारी दी। कैडेट्स ने जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
हापुड़ के एसएसवी इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स के लिए टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के लिए अब एनसीसी कैडेट्स को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एस.एस.वी. इंटर कॉलेज के सभागार में एनसीसी कैडेट्स के लिए विशेष टीबी जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य युवाओं की भागीदारी के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के अभियान को गति देना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने कैडेट्स को टीबी के लक्षण, बचाव के उपाय, जांच की प्रक्रिया और सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले मुफ्त उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि इसका पूरी तरह उपचार संभव है। समय पर जांच कराने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवाओं का सेवन करने से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
डॉ. राजेश सिंह ने एनसीसी कैडेट्स से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों और आसपास रहने वाले लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के प्रति जागरूक करें। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहती है, उसका वजन कम हो रहा है या शाम के समय बुखार आता है, तो उसे टीबी के संभावित लक्षण मानते हुए तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी की जांच और उपचार मुफ्त उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अपील पर सभी एनसीसी कैडेट्स ने टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में एनसीसी के कमान अधिकारी राजेश बाहरे, रिसालदार मेजर संजय धामा, लेफ्टिनेंट डॉ. कपिल बिसला, जिला पी.पी.एम. कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी और उपचार पर्यवेक्षक दीपक कुमार भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में स्वास्थ्य विभाग और एनसीसी के अधिकारियों का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के समापन पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि अनुशासित युवाओं के रूप में एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी से हापुड़ जिले में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति मिलेगी।