हापुड़ में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी, युवक का मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 8 हजार रुपये
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में ऑनलाइन गेमिंग सिखाने के बहाने युवक को साइबर ठगों ने जाल में फंसाया। मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस लेकर खाते से 8 हजार रुपये निकाल लिए। जानिए पुलिस की साइबर एक्सपर्ट टीम अब किन पहलुओं की जांच कर रही है।
तस्वीर में हापुड़ जिले की गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली नजर आ रही है, जहां ऑनलाइन गेमिंग के बहाने 8 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया गया है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में ऑनलाइन गेमिंग के बहाने साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर ठगों ने गेम खेलना सिखाने के नाम पर एक युवक को अपने झांसे में लिया और उसके मोबाइल फोन का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर बैंक खाते से 8 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस की साइबर एक्सपर्ट टीम ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
गढ़ नगर के राजीव नगर मोहल्ला निवासी टिंकू वर्मा के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे ऑनलाइन गेम खिलाने के बहाने संपर्क किया था। आरोपियों ने शुरुआत में गेम खेलने की प्रक्रिया और उसके नियम समझाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने युवक का विश्वास हासिल कर लिया।
आरोप है कि गेम के नियम समझाने के बहाने ठगों ने पीड़ित से मोबाइल फोन पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां कराईं। इनमें कोई ऐप डाउनलोड कराना या स्क्रीन शेयरिंग लिंक पर क्लिक करवाना शामिल था। युवक को इसकी जानकारी नहीं थी कि इन गतिविधियों के जरिए उसके मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है।
इसके बाद जालसाजों ने युवक के मोबाइल फोन पर नियंत्रण हासिल कर उसके बैंक खाते से 8 हजार रुपये निकाल लिए। खाते से रकम कटने का बैंक संदेश मोबाइल पर पहुंचते ही पीड़ित को ठगी का पता चला। अचानक खाते से पैसे गायब होने के बाद उसने लेनदेन की जानकारी जुटाने का प्रयास किया, तब उसे समझ आया कि वह साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है।
घटना के बाद टिंकू वर्मा गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी। उन्होंने ठगी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
मामले में गढ़मुक्तेश्वर के सीओ राहुल यादव ने बताया कि पीड़ित की ओर से शिकायत प्राप्त हो चुकी है। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी तकनीकी जांच पुलिस की साइबर एक्सपर्ट टीम को सौंपी गई है।
साइबर टीम बैंक खाते में हुए संदिग्ध लेनदेन, मोबाइल फोन की डिजिटल गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने के लिए किस तकनीक या ऐप का इस्तेमाल किया और ठगी की रकम यूपीआई, नेट बैंकिंग अथवा किसी अन्य माध्यम से स्थानांतरित की गई।
सीओ राहुल यादव ने भरोसा दिलाया है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच बनाने का तरीका और बैंक खाते से रकम निकालने में इस्तेमाल किया गया माध्यम है।