एटा के अलीगंज में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की पैथोलॉजी लैब में मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए की गई एमडी पैथोलॉजिस्ट की तैनाती।

अलीगंज। अलीगंज क्षेत्र के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर बड़ी सुविधा सामने आई है। अब छोटी से लेकर महत्वपूर्ण पैथोलॉजी जांचों के लिए मरीजों को जिला मुख्यालय या आगरा जाने की जरूरत कम होगी। एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एमडी पैथोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज की ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) का प्रभारी नामित किया है। यह यूनिट अलीगंज के मोहल्ला सुदर्शन दास में संचालित है।



सीएमओ के निर्देश के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पर पैथोलॉजी से संबंधित समस्त कार्य डॉ. रोहित कुमार की देखरेख में कराए जाएंगे। विशेषज्ञ पैथोलॉजिस्ट की तैनाती से स्थानीय स्तर पर जांच सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता और सटीकता में सुधार की उम्मीद है।

एमडी पैथोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में एडवांस हेमेटोलॉजी और ब्लड स्मीयर की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे जटिल एनीमिया के विभिन्न प्रकारों की पहचान करने में मदद मिलेगी। मलेरिया के परजीवियों की सटीक पहचान के लिए पीएफ की मैनुअल माइक्रोस्कोपिक जांच और रिपोर्टिंग भी की जाएगी, जिससे मलेरिया की पुष्टि अधिक सटीकता से हो सकेगी।

शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ, जैसे थायराइड, स्तन अथवा लिम्फ नोड की जांच के लिए फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी (FNAC) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गांठ की प्रकृति की शुरुआती जांच में मदद मिलेगी और आवश्यकता पड़ने पर मरीज को आगे के उपचार के लिए रेफर किया जा सकेगा। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह के कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए पैप स्मीयर टेस्ट भी किया जा सकेगा। यह सुविधा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जांच और समय रहते उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

शुगर के मरीजों की नियमित निगरानी के लिए एचबीए1सी (HbA1c) जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा ऑटोमेटेड मशीनों के माध्यम से लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और लिपिड प्रोफाइल जैसी महत्वपूर्ण जांचें भी की जा सकेंगी। इन जांचों से मरीजों को अपने लिवर, किडनी, कोलेस्ट्रॉल और लंबे समय से चल रही मधुमेह की स्थिति की निगरानी में मदद मिलेगी।

डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि डेंगू, टाइफाइड, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रामक रोगों की पहचान के लिए एलिसा तथा उन्नत रैपिड किट आधारित जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही संक्रामक रोगों की सटीक सेरोलॉजी और क्लिनिकल पैथोलॉजी से संबंधित जांच की जाएगी।

गंभीर और आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों के लिए यूरिन तथा शरीर के अन्य द्रवों की माइक्रोस्कोपिक जांच भी की जाएगी। इनमें चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी से संबंधित द्रव (सीएसएफ), फेफड़ों के आसपास जमा द्रव तथा अन्य शारीरिक द्रवों की जांच शामिल हो सकती है।

डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि इन सुविधाओं का उद्देश्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण पैथोलॉजी जांच उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी या आवश्यक जांचों के लिए दूर-दराज के अस्पतालों और जिला मुख्यालय का रुख न करना पड़े।

मोहल्ला सुदर्शन दास स्थित ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में एमडी पैथोलॉजिस्ट की तैनाती से अलीगंज क्षेत्र की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि जांच के लिए बाहर जाने में लगने वाला समय और खर्च दोनों कम होंगे। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से अलीगंज में स्थानीय स्तर पर आधुनिक पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार के साथ गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान और मरीजों की समय पर जांच एवं उपचार की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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