सराय अगहत में दीपावली पर आतिशबाजी की दुकानें लगाने की मांग तेज, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
हिंदू युवा वाहिनी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर एटा के सराय अगहत में सुरक्षा मानकों के तहत आतिशबाजी बिक्री के लिए सुरक्षित स्थल चिन्हित करने की मांग की।
हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष एटा में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए दिख रहे हैं।
एटा। दीपावली के त्योहार से पहले ग्राम सराय अगहत में आतिशबाजी की अस्थायी दुकानें लगाने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षित स्थान निर्धारित कर नियमानुसार दुकानें लगाने की अनुमति देने की मांग की है। इस संबंध में सोमवार को जिला अध्यक्ष हिन्दू युवा वाहिनी एटा ज्ञान सिंह शाक्य के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि दीपावली के अवसर पर ग्राम सराय अगहत में आतिशबाजी की बिक्री के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षित और निर्धारित स्थल चिन्हित किया जाए। इससे स्थानीय व्यापारियों को अस्थायी दुकानें लगाने और कारोबार करने का अवसर मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आतिशबाजी खरीदने के लिए दूर-दराज के बाजारों में नहीं जाना पड़ेगा।
ज्ञान सिंह शाक्य ने कहा कि दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने का अवसर मिलना चाहिए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों के अनुरूप स्थान उपलब्ध कराने से आतिशबाजी की बिक्री व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय लोगों को भी सुविधा होगी।
उन्होंने आतिशबाजी की दुकानों के लिए स्थल निर्धारित करते समय सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानों का संचालन प्रशासन की अनुमति और निर्धारित नियमों के तहत ही कराया जाना चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से सराय अगहत की जनभावनाओं और स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी की अस्थायी दुकानों के लिए जल्द सुरक्षित स्थल चिन्हित करने तथा नियमानुसार अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय रहते स्थल निर्धारित कर अनुमति दिए जाने से स्थानीय व्यापारियों को दीपावली के दौरान कारोबार करने का अवसर मिलेगा। वहीं ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही आतिशबाजी उपलब्ध हो सकेगी। ज्ञापन में जनहित, स्थानीय व्यापारियों के रोजगार और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।