एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर तीन तलाक देने और प्रताड़ित करने के मामले में पीड़िता और उसके पिता मीडिया से बात करते हुए।

एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और पति द्वारा तीन बार तलाक बोलकर मायके छोड़ने का मामला सामने आया है। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सहिएटा में दहेज में कार न मिलने पर तीन तलाक का आरोप, पति समेत पांच पर FIR

त पांच नामजद लोगों के विरुद्ध तीन तलाक, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला अधिकारों की सुरक्षा कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने पीड़िता मंतसा सैफी पुत्री सुभान सैफी निवासी सैफी कंपाउंड, रेवाड़ी मोहल्ला, एटा की शिकायत पर पति शारिक सैफी, ससुर नईम अख्तर निवासी अचलपुर सरायपीर अलीगढ़, सास समीम बानो, नंद शाइस्ता और नंदोई आसिफ सैफी निवासी रसल गंज, थाना बन्ना देवी, अलीगढ़ के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है।

पीड़िता के अनुसार, 3 दिसंबर 2025 को मुस्लिम रीति-रिवाज के तहत उसके पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज देकर उसकी शादी शारिक सैफी पुत्र नईम अख्तर निवासी अचल रोड, सराय पीर बक्स, थाना अलीगढ़ के साथ की थी। शादी में 5 लाख रुपये, सोने की अंगूठी, सोने की जंजीर और घर-गृहस्थी का सामान दिया गया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग खुश नहीं थे और दहेज में कार की मांग करने लगे।

पीड़िता का आरोप है कि मायके पक्ष के लोग कार की मांग पूरी नहीं कर पाए तो उसके साथ मारपीट की गई, भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और आए दिन प्रताड़ित किया गया। 15 फरवरी 2026 को मारपीट के दौरान ससुराल के लोगों के कहने पर पति ने तीन बार ‘तलाक’ बोल दिया और उसे एटा स्थित मायके छोड़ दिया।

पीड़िता के पिता और अन्य लोग इसके बाद बेटी के ससुराल पहुंचे। वहां पंचायत कर मामले को समझाने और सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन पीड़िता के अनुसार पति, सास, ससुर, नंद और नंदोई ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि पति ने तलाक दे दिया है।

पीड़िता ने 4 अक्टूबर को कोतवाली नगर में लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सहित पांच लोगों के विरुद्ध दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला अधिकारों की सुरक्षा कानून के तहत एफआईआर दर्ज की।

पीड़िता मंतसा सैफी ने बताया कि उसकी शादी 3 दिसंबर 2025 को मुहम्मद शारिक सैफी से हुई थी। उसके अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे टॉर्चर करने लगे और कार की मांग करते थे। उसने आरोप लगाया कि आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने बताया कि उसे तीन तलाक देकर वली मोहम्मद चौराहे पर छोड़ गए। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति किसी किन्नर के संपर्क में था और उसकी बात मानता था तथा उससे दूरी बनाए हुए था।

पीड़िता ने अपने ससुर पर भी आरोप लगाए। उसके अनुसार ससुर शराब पीकर आते थे और उसके कमरे में घुस जाते थे तथा उसे घूर-घूरकर देखते थे। उसने कहा कि वह अपने कमरे में जैसे ही बैठी होती थी, ससुर आकर बैठ जाते थे। पीड़िता ने कहा कि वह चाहती है कि आरोपियों को सजा मिले। उसने यह भी बताया कि एक दिन जब वह किचन में काम कर रही थी, तब उसका पति उसे रखने के लिए तैयार नहीं था और उसके घर वाले उसे समझा रहे थे।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति किन्नर के संपर्क में था, उसकी बात मानता था और दूरी बनाए हुए था। इसी दौरान उसे तीन तलाक दे दिया गया।

पीड़िता के पिता सुभान सैफी ने बताया कि उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी की शादी की थी। उन्होंने 5 लाख रुपये, सोना-चांदी और घर-गृहस्थी का सामान देकर शादी की थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही कार की मांग की जाने लगी। मांग पूरी नहीं कर पाने पर बेटी के साथ मारपीट की गई और उसे तीन तलाक देकर एटा छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उनके अनुसार बेटी को बहुत प्रताड़ित किया गया और उसके साथ मारपीट की गई।

सुभान सैफी ने कहा कि उनकी मांग है कि उन्हें न्याय मिले और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

फिलहाल कोतवाली नगर पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

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