तस्वीर में एटा कलेक्ट्रेट परिसर के पास जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली और अन्य अधिकारी फसल अवशेष प्रबंधन जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।   

एटा में फसल अवशेष प्रबंधन और पराली के समुचित उपयोग को लेकर जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन जनपद की तीनों तहसीलों की ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानों को पराली न जलाने, फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और इसके विभिन्न लाभों के प्रति जागरूक करेंगे।

इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, उप जिलाधिकारी रविंद्र कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि फसल अवशेष और पराली को खेतों में जलाना पर्यावरण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति के लिए भी नुकसानदायक है। पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म जीव और उपयोगी जीवांश नष्ट होते हैं। इससे मृदा की उर्वरता प्रभावित होती है और आगामी फसल के उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों को इन दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए फसल अवशेषों को खेत में न जलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पराली और अन्य फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर इन्हें खेत में ही जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही खेती में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने में भी किसानों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि तीनों प्रचार वाहन निर्धारित रूट के अनुसार तहसील क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में जाकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक विधियों, पराली के सदुपयोग और पराली न जलाने के लिए जागरूक करेंगे। किसानों को बताया जाएगा कि फसल अवशेषों को खेत में ही उचित तरीके से प्रबंधित कर जैविक खाद के रूप में उपयोग करने से भूमि की उर्वरा शक्ति में सुधार किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि पराली और फसल अवशेषों को खेत में न जलाएं, बल्कि उनका समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण के साथ मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा और कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। यह अभियान किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास है।

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