एटा में संचारी रोग नियंत्रण अभियान: घर-घर सर्वे और स्वास्थ्य शिविर के निर्देश
जिलाधिकारी ने डेंगू और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभागों को सक्रिय रहने और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए।
एटा कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य समिति की बैठक।
एटा में संचारी रोगों और मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करने तथा बुखार प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें संक्रामक एवं मौसम जनित बीमारियों की रोकथाम के उपायों और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दें। लोगों को आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के प्रति जागरूक किया जाए। जिला पंचायत राज विभाग और नगरीय निकायों को नालियों की नियमित सफाई कराने, रुके हुए पानी की निकासी सुनिश्चित करने तथा जलभराव वाले स्थानों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन की गई कार्रवाई की वास्तविक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र से बुखार की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल भेजी जाए और वहां मेडिकल कैंप लगाया जाए। प्रभावित लोगों की जांच कर रक्त के नमूने लिए जाएं। आवश्यकता के अनुसार डेंगू एवं बुखार से संबंधित अन्य जांच कराकर मरीजों को प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जाए।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं का प्रसव सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बच्चों के नियमित टीकाकरण और उनके प्रतिरक्षण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
आशाओं के मानदेय और जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के लिए बैंक खाते एवं आईएफएससी कोड से संबंधित औपचारिकताएं तत्काल पूरी कराने को कहा गया। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम एवं मातृ मृत्यु समीक्षा कार्यक्रम के तहत पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रति अधिकाधिक लोगों को जागरूक करने और संस्थागत प्रसव की प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया। जिन आशाओं द्वारा अब तक एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया गया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को टीकाकरण से छूटे बच्चों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उनका टीकाकरण सुनिश्चित कराया जा सके। इसके अलावा 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवाओं का रिस्पांस टाइम निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्र, समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त एमओआईसी, जिला समन्वयक, आयुष्मान कार्ड के जिला समन्वयक, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत संचारी रोग नियंत्रण, स्वच्छता, समय पर जांच एवं उपचार, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी।