चंदौली के स्कूल में मॉनिटर बैज और आउट पास से बच्चों को सिखाया जा रहा नेतृत्व और अनुशासन
चंदौली के सकलडीहा स्थित प्राथमिक विद्यालय केशवपुर में बच्चों को मॉनिटर बैज और आउट पास के जरिए नेतृत्व, जिम्मेदारी और अनुशासन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जानिए इस पहल का उद्देश्य और विभाग का रुख।
तस्वीर में चंदौली के सकलडीहा स्थित प्राथमिक विद्यालय केशवपुर के शिक्षक और पांच विद्यार्थी स्कूल परिसर में खड़े नजर आ रहे हैं।
चंदौली। सकलडीहा के प्राथमिक विद्यालय केशवपुर में बच्चों को किताबी पढ़ाई के साथ नेतृत्व, जिम्मेदारी और अनुशासन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालय में विद्यार्थियों को मॉनिटर बैज और आउट पास दिए गए हैं, जिसके जरिए कम उम्र से ही उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मॉनिटर बैज मिलने के बाद विद्यार्थियों को विद्यालय में नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जा रही है। वहीं, आउट पास के माध्यम से विद्यालय से बाहर जाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने की आदत विकसित की जा रही है। इस तरह बच्चों को अनुशासन केवल समझाया नहीं जा रहा, बल्कि विद्यालय की रोजमर्रा की गतिविधियों के जरिए उसका अभ्यास भी कराया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार के अनुसार प्राथमिक शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। मॉनिटर बैज और आउट पास जैसी गतिविधियां बच्चों में नेतृत्व, सामाजिक दायित्व, आत्मविश्वास और अनुशासन की नींव मजबूत करने में मदद कर सकती हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार ऐसे प्रयोगों को अन्य विद्यालयों में भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूल की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों के जरिए बच्चों में भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने के गुण विकसित करना है। प्राथमिक स्तर पर जिम्मेदारी और अनुशासन के व्यवहारिक अभ्यास को इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।