कासगंज के विद्यालय भवन में कानूनी साक्षरता शिविर के दौरान मौजूद न्यायिक अधिकारी और छात्र।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कासगंज की ओर से गाँधी जयन्ती के अवसर पर पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों और कानूनी परिणामों के प्रति छात्र-छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कासगंज श्री रामेश्वर की अनुमति से 25 सितम्बर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा साक्षरता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में श्रीमती जेबा मजीद, विशेष न्यायाधीश, एस.सी.एस.टी. एक्ट द्वारा बी.ए.वी. इण्टर कॉलेज कासगंज में पॉक्सो एक्ट से संबंधित साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। श्री अनुतोष कुमार शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.-1) ने आजाद गाँधी इण्टर कॉलेज, कासगंज में पॉक्सो एक्ट से संबंधित साक्षरता शिविर आयोजित किया।

श्री सचिन सिंह, सिविल जज (जू.डि.)/जे.एम./एफ.टी.सी. द्वारा राजकीय हाईस्कूल भिटौना, कासगंज में, श्री रत्नेश कुमार श्रीवास्तव, प्रथम अपर जिला जज, कासगंज द्वारा श्री गणेश इण्टर कॉलेज कासगंज में तथा श्री खान जीशान मसूद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कासगंज द्वारा एस.के.वी. लीड एकेडमी कासगंज में पॉक्सो एक्ट से संबंधित साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।

इसी तरह श्री अविनाश कुमार मिश्रा, सिविल जज (सी.डि.), कासगंज द्वारा श्री राणा इण्टर कॉलेज ढोलना, कासगंज में तथा श्री गिरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कासगंज द्वारा शेरवानी इण्टर कॉलेज न्यौली, कासगंज में पॉक्सो एक्ट से संबंधित साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविरों के आयोजन में विद्यालयों के प्रधानाचार्यगण और जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज द्वारा सराहनीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कासगंज की सचिव शालिनी विधेय ने बताया कि गाँधी जयन्ती के अवसर पर पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों और कानूनी परिणामों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारीगण द्वारा पॉक्सो अधिनियम-2012 के तहत साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किशोर अक्सर इस बात से अनभिज्ञ होते हैं कि कानून में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की सहमति का कोई महत्व नहीं होता और वे ऐसे रिश्तों में बंध जाते हैं, जो पॉक्सो अधिनियम-2012 के तहत गम्भीर अपराध माने जाते हैं। ऐसे कई मामलों में शामिल युवक केवल 19 या 20 वर्ष के होते हैं और कानून से उतने ही अनभिज्ञ होते हैं। यह अज्ञानता दोनों पक्षों के युवाओं के जीवन को बर्वाद कर देती है।

आगामी दिवस में श्री बलदेव विहारी उ.मा. विद्यालय कासगंज, श्रीमती द्रोपदी देवी जाजू बालिका विद्यालय कासगंज, राजकीय इण्टर कॉलेज कासगंज एवं राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज पटियाली, कासगंज में न्यायिक अधिकारीगण द्वारा साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों और उसके कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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