एटा मेडिकल कॉलेज में मेज के पास खड़े होकर कार्यक्रम को संबोधित करते चिकित्सक।

एटा। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर 28 सितंबर 2026 को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज, एटा के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ बालवीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित गर्भपात के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों से संबंधित जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ बालवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुरेश चंद्र और विभागाध्यक्ष डॉ साधना सिंह के साथ अन्य चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सहभागिता की। इस दौरान सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात की उपलब्ध सेवाओं, गर्भपात के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका, समय पर चिकित्सा परामर्श लेने तथा असुरक्षित गर्भपात से होने वाली गंभीर जटिलताओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।


प्राचार्य डॉ बालवीर सिंह ने बताया कि असुरक्षित गर्भपात महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण तथा अन्य जटिलताओं से बचाव के लिए योग्य एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से समय पर चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है। महिलाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयों का सेवन करने तथा अप्रमाणित एवं असुरक्षित तरीकों से गर्भपात कराने से बचने की सलाह दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुरेश चंद्र ने कहा कि सुरक्षित गर्भपात सेवाओं की जानकारी, समय पर चिकित्सा परामर्श और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मातृ स्वास्थ्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने महिलाओं की गोपनीयता, गरिमा और सम्मान का ध्यान रखते हुए उन्हें उचित परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ साधना सिंह ने उपस्थित सभी चिकित्सकों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित मातृत्व एवं महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का आयोजन स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज, एटा द्वारा किया गया।

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