बांदा में समूह की रकम निकालने पहुंचीं 100 से अधिक महिलाओं का फूटा गुस्सा, बैंक में जड़ा ताला
बांदा जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने रकम निकालने में परेशानी और अभद्रता का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक पर प्रदर्शन किया।
तस्वीर में बांदा जिले के महुआ विकासखंड स्थित बड़ोखर बुजुर्ग गांव में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के बाहर प्रदर्शन करती हुई स्वयं सहायता समूह की महिलाएं दिखाई दे रही हैं, जो रकम निकासी में परेशानी और अभद्रता का आरोप लगा रही हैं।
बांदा में स्वयं सहायता समूहों की मेहनत की कमाई निकालने पहुंचीं 100 से अधिक महिलाओं का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। बैंक में रकम निकालने में परेशानी और बैंक मैनेजर व कर्मचारियों पर अभद्रता, कमीशनखोरी तथा पैसे निकालने से रोकने के आरोप लगाते हुए महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित महिलाओं ने बैंक के बाहर ताला जड़ दिया और बैंक मैनेजर के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई। काफी समझाइश के बाद महिलाएं प्रदर्शन समाप्त कर वापस लौट गईं।
मामला बांदा जिले के महुआ विकासखंड के बड़ोखर बुजुर्ग गांव स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का है। शुक्रवार को ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी सीएलएफ सखी सुशीला की अगुवाई में स्वयं सहायता समूहों की एक सैकड़ा से अधिक महिलाएं बैंक पहुंचीं। महिलाओं का आरोप था कि समूह की रकम निकालने के लिए बैंक जाने पर उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने बैंक मैनेजर और कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने, कमीशनखोरी करने और रकम निकालने से रोकने के आरोप लगाए। इन शिकायतों को लेकर महिलाओं ने बैंक के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बांदा-नरैनी मार्ग स्थित बैंक के बाहर महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की और अपना ताला लगा दिया। अचानक हुए प्रदर्शन से बैंक परिसर में हलचल मच गई। हंगामे की सूचना मिलने पर गिरवां पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक शिवरतन, उपनिरीक्षक केशरी प्रसाद और महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं।
पुलिस की मौजूदगी में बैंक मैनेजर देवेंद्र सिंह, फील्ड ऑफिसर अंकुर और सीएलएफ सखी सुशीला को बैठाकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। इस दौरान बैंक मैनेजर ने महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना था कि समूह की महिलाओं की ओर से जमा पर्चियों में गड़बड़ी की जाती है।
वहीं, महिलाओं ने आरोप लगाया कि जब वे समूह की रकम निकालने बैंक पहुंचती हैं तो उन्हें धमकाया जाता है और पैसे नहीं निकाले जाते। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद पुलिस ने मामले में ब्लॉक मिशन मैनेजर विमल त्रिपाठी से फोन पर बातचीत की।
इसके बाद पुलिस ने समझाइश और आपसी बातचीत के जरिए प्रदर्शनकारी महिलाओं को शांत कराया। काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद महिलाएं वापस लौट गईं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और बैंक प्रबंधन के बीच रकम निकासी को लेकर उठे विवाद के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और बातचीत के जरिए तत्काल स्थिति को शांत कराया गया।