अमेठी अंकित कश्यप हत्याकांड: 38 घंटे तक नहीं हुआ अंतिम संस्कार, मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन
अमेठी के गौरीगंज में अंकित कश्यप हत्याकांड के 38 घंटे बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिजन एक करोड़ रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहे। सड़क पर प्रदर्शन के बाद पुलिस और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में वार्ता हुई, जबकि चारों नामजद आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
तस्वीर में अमेठी रोड पर भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मी प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करते हुए नजर आ रहे हैं।
अमेठी के गौरीगंज में चर्चित अंकित कश्यप हत्याकांड में घटना के 38 घंटे बाद भी मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिजन एक करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। बुधवार को उन्होंने समर्थकों के साथ शव को अमेठी रोड पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया।
जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने महिला थाना और सैठा चौराहे से वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया। सूचना मिलते ही सीओ अखिलेश वर्मा, कोतवाल रवि सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शव को सड़क से हटवाया और वार्ता शुरू की।
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के मानसिंह का पुरवा निवासी 22 वर्षीय अंकित कश्यप की सोमवार रात अंतरजातीय प्रेम विवाह की रंजिश में कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने हत्या में बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।