श्रावण के प्रथम सोमवार पर डीएम-एसएसपी ने प्रमुख शिवालयों का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश
एटा में श्रावण के प्रथम सोमवार पर डीएम अरविन्द सिंह और एसएसपी इला मारन जि ने प्रमुख शिवालयों का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अहम निर्देश दिए।
तस्वीर में एटा में कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन नजर आ रहे हैं।
पवित्र श्रावण मास में संचालित कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एटा में श्रावण मास के प्रथम सोमवार को जिलाधिकारी अरविन्द सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जि ने रिजोर क्षेत्र स्थित श्री वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर तथा प्राचीन कैलाश मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम दर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने दोनों मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर जनपदवासियों के सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वार, दर्शन मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग स्थल, पेयजल, प्रसाधन, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई तथा सुरक्षा प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जि ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल अपने तैनाती स्थल पर पूरी तरह मुस्तैद रहे तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित रूट डायवर्जन का कड़ाई से पालन किया जाए, जिससे कांवड़ यात्रियों एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह, तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने, नियमित कूड़ा निस्तारण तथा पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और इसे शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रिजोर थाना क्षेत्र के आसपास भी पहुंचे, जहां उन्होंने आवागमन व्यवस्था का जायजा लिया तथा कांवड़ यात्रियों की निर्बाध एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह, तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।