कटनी के ढीमरखेड़ा में दलदल से गुजरी अंतिम यात्रा, सड़क नहीं होने से उठे सवाल
कटनी के ढीमरखेड़ा में सड़क के अभाव में ग्रामीणों को दलदल भरे रास्ते से अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी, प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग उठी।
तस्वीर में कटनी के ग्रामीण पड़रिया गांव के कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते पर अंतिम यात्रा के दौरान अर्थी को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहटा के आश्रित ग्राम पड़रिया में विकास के दावों की स्थिति उस समय सामने आई, जब दो बुजुर्गों की अंतिम यात्रा के लिए ग्रामीणों को दलदल भरे रास्ते से होकर मुक्तिधाम तक पहुंचना पड़ा। पक्की सड़क नहीं होने के कारण अर्थी को कंधों पर उठाए ग्रामीणों को कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है।
बीती रात ग्राम पड़रिया निवासी 80 वर्षीय मलकिया बाई बर्मन और 82 वर्षीय अर्जुन कोल का निधन हो गया। सुबह जब परिजन और ग्रामीण दोनों के अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम की ओर निकले तो उन्हें कच्चे और दलदल से भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा। अर्थी को कंधों पर लेकर खराब रास्ते से आगे बढ़ना ग्रामीणों के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्की सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है और न ही गड्ढों की मरम्मत की गई है। बरसात के मौसम में यह मार्ग पूरी तरह दलदल में बदल जाता है, जिससे ग्रामीणों को सामान्य आवाजाही के साथ अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों में भी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर आशीष तिवारी से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत सचिव सैयद अहमद अली ने बताया, "कुंसरी गांव से पड़रिया गांव और मुक्तिधाम तक जाने वाला मार्ग कच्चा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तहत सड़क निर्माण का सर्वे किया जा चुका है। निर्माण का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है।"
इस मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यजुर्वेद कोरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तहत सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। विभाग से जानकारी ली जाएगी कि निर्माण कार्य अब तक क्यों शुरू नहीं हुआ। साथ ही बारिश के मौसम में ग्रामीणों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए आवश्यक पत्राचार भी किया जाएगा।
विकास कार्यों के दावों के बीच पड़रिया गांव की यह स्थिति ग्रामीणों की मूलभूत सुविधा से जुड़ी समस्या को सामने लाती है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई और सड़क निर्माण के वादे के धरातल पर उतरने पर है।