असम में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से सीआरपीएफ दरोगा मुकेश बाबू का निधन, राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार

असम में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से सीआरपीएफ दरोगा मुकेश बाबू का निधन हो गया। कन्नौज के पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।

Update: 2026-08-03 07:31 GMT

तस्वीर में दिख रहा है कि सीआरपीएफ दरोगा मुकेश बाबू की तस्वीर और फूलों से सजी मेज के पास ग्रामीण और वर्दीधारी जवान मौजूद हैं।

कन्नौज के तालग्राम थाना क्षेत्र के अशेह गांव निवासी सीआरपीएफ के दरोगा मुकेश बाबू का असम में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। देश की सेवा करते हुए उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

बताया गया कि करीब दो सप्ताह पहले ही उनका जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से असम तबादला हुआ था। असम में ड्यूटी के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया। इस घटना से परिजनों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

शहीद का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव अशेह पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के बीच उनके बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान "मुकेश बाबू अमर रहें" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा।

मुकेश बाबू अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। पिता के निधन से पूरा परिवार सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अंतिम संस्कार में बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक, बीजेपी विधायक अर्चना पांडेय, समाजवादी पार्टी के नेता दीपू चौहान सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा हजारों की संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

देश की सेवा में समर्पित रहे सीआरपीएफ के दरोगा मुकेश बाबू का इस तरह अचानक निधन पूरे कन्नौज के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी राष्ट्र सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा।

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