तस्वीर में उदयपुर कलेक्ट्रेट परिसर के मेहराबदार बरामदे में दो बुजुर्ग प्रतिनिधि खड़े हैं।

उदयपुर। उदयपुर जिले के करीब 1000 कुक कम हेल्पर को पिछले 14 माह से दूध गर्म करने का मानदेय और 6 माह से पोषाहार पकाने का मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति, उदयपुर के प्रतिनिधिमंडल ने 5 अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक को ज्ञापन देकर बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान कराने सहित विभिन्न मांगें उठाईं।

प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर जिले के समस्त कुक कम हेल्पर के 14 माह के दूध गर्म करने तथा पोषाहार पकाने के 6 माह के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान कराने की मांग की। इसके साथ ही कुक कम हेल्पर के मानदेय का भुगतान सीधे कुक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से कराने, मानदेय भुगतान में जानबूझकर लापरवाही बरतने अथवा जिम्मेदारी निभाने में अक्षम अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की गई।

समिति ने कुक कम हेल्पर को केरल की तरह 13,500 रुपये मासिक मानदेय दिलाने तथा सभी कुक कम हेल्पर को स्थायी करने की मांग भी रखी।

कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सलाहकार नाना भगत ने बताया कि राजस्थान के अन्य जिलों के सरकारी विद्यालयों में पोषाहार पकाने और दूध गर्म करने वाले कुक कम हेल्पर के मानदेय का भुगतान नियमित होता रहता है, लेकिन उदयपुर जिले में बजट हमेशा शून्य रहता है। नाम मात्र का मानदेय पाने वाले कुक कम हेल्पर को 14 महीने तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है।

कुक वाला राम ने बताया कि राज्य के अन्य जिलों के कुक कम हेल्पर को मार्च 2026 तक दूध गर्म करने तथा जून 2026 तक पोषाहार पकाने के मानदेय का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद उदयपुर जिले के करीब 1000 कुक कम हेल्पर को पिछले 14 महीने से दूध गर्म करने का मानदेय और 6 माह से पोषाहार पकाने के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।

जनवादी मजदूर यूनियन के सचिव जयंतीलाल ने बताया कि कुक कम हेल्पर को नियमित भुगतान डीबीटी के माध्यम से कुक के बैंक खाते में जमा करने, स्थायी करने तथा केरल की तरह 13,500 रुपये मासिक वेतन देने सहित अन्य मांगों को लेकर कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति लगातार संघर्ष कर रही है।

उन्होंने बताया कि पिछले महीने खेरवाड़ा में पड़ाव डाला गया था। उस समय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, खेरवाड़ा ने 2 दिन में बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन 40 दिन बाद भी भुगतान नहीं हुआ। समिति का कहना है कि इससे साफ जाहिर है कि उदयपुर के अधिकारी-कर्मचारी कुक कम हेल्पर को समय पर मानदेय दिलाने के लिए गंभीर नहीं हैं।

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