ऋषभदेव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करवा चौथ पर्व मनाया गया
ऋषभदेव क्षेत्र में महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और कथा श्रवण कर पति की दीर्घायु की कामना की, इस दौरान गरबा नृत्य का आयोजन भी हुआ।
ऋषभदेव में करवा चौथ पर्व पर पूजा-अर्चना और गरबा नृत्य के बाद खुशियां साझा करतीं महिलाएं।
ऋषभदेव में सुहाग और सौभाग्य के प्रतीक करवा चौथ पर्व पर महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया। इस दौरान पूजा-अर्चना, कथा श्रवण और आरती के साथ पारंपरिक गरबा नृत्य ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी।
करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी। इसके बाद आरती कर अपने पतियों की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में विजय श्री लोहार के नेतृत्व में महिलाओं ने पारंपरिक गरबा प्रस्तुत किया। गरबा नृत्य के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने नृत्य और संगीत के साथ पर्व का आनंद लिया और सामूहिक रूप से उत्सव की खुशियां साझा कीं।
इस अवसर पर ऊषा पंचाल, शिल्पा पंचाल, गीता देवी प्रजापत, कविता पटेल सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर करवा चौथ का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया।