खेरोदा थाने में ट्रांसफार्मर चोरी की वारदातों को लेकर पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपते किसान संघ के प्रतिनिधि।   

खेरोदा सर्किल क्षेत्र में विद्युत विभाग के ट्रांसफार्मरों से लगातार हो रही तेल और तांबा चोरी की घटनाओं ने किसानों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बिजली व्यवस्था प्रभावित होने और पेयजल आपूर्ति ठप होने से नाराज ग्रामीणों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में खेरोदा थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन के समक्ष अपना आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करते हुए थानाधिकारी परमेश्वर पाटीदार को ज्ञापन सौंपा।

29 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि खेरोदा सर्किल क्षेत्र के गांवों और किसानों के खेतों में लगे विद्युत विभाग के ट्रांसफार्मरों (डीपी) से बार-बार तेल और तांबे की चोरी हो रही है। इन घटनाओं के कारण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। इसका सीधा असर किसानों के सिंचाई कार्य और आमजन की दिनचर्या पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में गांव में दो बार ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी होने के कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। इसके चलते ग्रामीणों को लगातार 8-8 दिनों तक बिना पानी के रहना पड़ा और भारी किल्लत का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि ट्रांसफार्मरों से तेल और तांबा चोरी होने की घटनाओं को लेकर पूर्व में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार हो रही चोरी की वारदातों से चोरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और क्षेत्र के किसानों तथा ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

भारतीय किसान संघ के संभाग उपाध्यक्ष छगन लाल जाट के नेतृत्व में बसंतीलाल खेरोदिया, भगवती लाल मेनारिया, जीवन मेनारिया, अमित सेन और नरेश गर्ग सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने, ट्रांसफार्मरों से तेल और तांबा चोरी करने वाले गिरोह का जल्द पर्दाफाश करने तथा आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की।

ट्रांसफार्मरों से लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने खेरोदा सर्किल क्षेत्र में बिजली और पेयजल व्यवस्था को प्रभावित किया है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इन वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि किसानों के सिंचाई कार्य और आमजन की दैनिक जरूरतें प्रभावित न हों।

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