खेरवाड़ा की नागफणी सेंट्रल अकादमी में कोमलपद प्रशिक्षण शिविर शुरू, 150 से अधिक विद्यार्थी ले रहे भाग
खेरवाड़ा की नागफणी सेंट्रल अकादमी में 29 से 31 अक्टूबर तक तीन दिवसीय कोमलपद प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। नागफणी सेंट्रल अकादमी और अभिनंदन स्कूल के 150 से अधिक विद्यार्थी स्काउटिंग, गाइडिंग और नेतृत्व का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
तस्वीर में नागफणी सेंट्रल अकादमी और अभिनंदन स्कूल, खेरवाड़ा के विद्यार्थी तीन दिवसीय कोमलपद प्रशिक्षण शिविर के दौरान अनुशासन और नेतृत्व के गुणों का अभ्यास करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
खेरवाड़ा की नागफणी सेंट्रल अकादमी में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय कोमलपद प्रशिक्षण शिविर का 29 अक्टूबर 2026 को शुभारंभ हुआ। शिविर में नागफणी सेंट्रल अकादमी एवं अभिनंदन स्कूल, खेरवाड़ा के 150 से अधिक विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा, समर्पण और नेतृत्व के मूल्यों से परिचित कराया जा रहा है।
शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामूहिक सहयोग, सेवा भावना और आत्मनिर्भरता जैसे जीवनोपयोगी गुणों का विकास करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी देने के साथ विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है, ताकि वे जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी और टीम भावना के महत्व को समझ सकें।
शिविर के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी अवजेकर उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में नागफणी कॉलेज के प्राध्यापक श्री दिनेश मीणा एवं विद्यालय की शैक्षणिक प्रभारी श्रीमती अनिता जैन ने शिरकत की। इस अवसर पर स्काउट प्रभारी श्री यतेंद्र सिंह और अभिनंदन स्कूल के प्राध्यापक श्री कालूराम कलाल भी मौजूद रहे।
शिविर में स्काउट ट्रेनर श्री कमल यादव के साथ गाइड काउंसलर सुश्री मोनिका खराड़ी, सुश्री करीना मीणा एवं सुश्री कल्पना आहारी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्काउटिंग एवं गाइडिंग के मूल सिद्धांतों के साथ अनुशासन, पारस्परिक सहयोग, नेतृत्व और सेवा कार्यों के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और सक्रियता दिखाई दे रही है। वे प्रत्येक गतिविधि में पूरे मनोयोग, अनुशासन और टीम भावना के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, समूह में कार्य करने की दक्षता और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
29 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित यह तीन दिवसीय शिविर विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा, समर्पण और नेतृत्व के आदर्श विकसित करने के साथ उन्हें जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में प्रयासरत है। शिविर में 150 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के व्यापक दायरे को दर्शाती है।