रायपुर में राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन, जनगणना-2027 और तीर्थ संरक्षण पर मंथन
रायपुर में प्रथम राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन में देशभर के सैकड़ों पत्रकार जुटे। जनगणना-2027, जैन तीर्थों के संरक्षण, समाजहित पत्रकारिता, सत्य, निर्भयता और पत्रकारिता की सामाजिक जिम्मेदारी पर मंथन हुआ।
तस्वीर में रायपुर के अग्रसेन धाम में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन के दौरान मंच पर संतगण और वक्ता नजर आ रहे हैं।
रायपुर में 30 सितंबर को अग्रसेन धाम में प्रथम राष्ट्रीय जैन पत्रकार सम्मेलन आयोजित हुआ। परम पूज्य मुनि श्री आगम सागरजी महाराज, मुनि श्री पुनीत सागरजी महाराज, ऐलक श्री धैर्य सागरजी एवं ऐलक श्री स्वागत सागरजी के सान्निध्य में हुए सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ सहित देशभर से सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए। सम्मेलन में पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व, जनगणना-2027, जैन तीर्थों एवं धर्मायतनों के संरक्षण-संवर्धन तथा समाजहित से जुड़े विषयों पर मंथन हुआ।
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि छत्तीसगढ़ सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में जैन पत्रकार महासंघ के सहयोग से आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ भक्तामर पाठ से हुआ। ब्रह्मचारी सुनील जैन रायपुर ने बदलती जीवनशैली और अपरिग्रहवाद पर विचार रखे।
मुनि श्री आगम सागरजी महाराज ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सत्य, संवेदना और सही दिशा देना है। उन्होंने कहा कि सत्य कहने और लिखने के लिए निर्भयता आवश्यक है। यदि सत्य कहना संभव न हो तो मौन बेहतर है, लेकिन भ्रम फैलाना उचित नहीं। मुनि श्री पुनीत सागरजी महाराज ने अहिंसा, जीवदया और ‘जियो और जीने दो’ की भावना को पत्रकारिता का आधार बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मार्गदर्शन की चर्चा करते हुए उन्हें इस युग का श्रेष्ठ साधक बताया।
भारतीय प्रेस परिषद के पूर्व सदस्य एवं बीएचयू प्रोफेसर डॉ. बलदेव राज गुप्ता ने पत्रकारिता के इतिहास और जैन समाज के योगदान पर प्रकाश डाला। एडमंड बर्क के संदर्भ में उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया और कहा कि इसका मूल कार्य समाज को सत्य से परिचित कराना है। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स, धर्मयुग, कृषि पत्रकारिता, भारतीय ज्ञानपीठ, चमेली देवी जैन और जैन टीवी सहित पत्रकारिता में जैन समाज के योगदान के अनेक उदाहरण दिए।
न्यूज 24 एवं लल्लूराम डॉट कॉम के डायरेक्टर नमित जैन ने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से अहिंसा, करुणा और संयम के संदेश को समाज तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीर्थों की पहचान और विशेषताओं को सामने लाने में पत्रकारों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सक्रिय उपस्थिति, खबर की शुद्धता, प्रभावी शीर्षक और धर्म-संस्कृति से जुड़े विषयों में संवेदनशीलता पर जोर दिया।
निःशक्तजन कल्याण आयोग के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त लोकेश कावड़िया ने सामाजिक सहभागिता और पत्रकारिता की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने अपने 22 विश्व रिकॉर्ड तथा प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण की बात कही। उन्होंने पत्रकारिता क्षेत्र में जैन समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए पत्रकारों को निरंतर सहयोग की आवश्यकता बताई।
दमोह के संतोष भारती ने खबरों में तथ्य और प्रामाणिकता बनाए रखने तथा मंदिर के भीतर पंथीय परंपराओं और बाहर व्यापक जैन एकता की भावना रखने की बात कही। आशीष तूफानी ने जैन पत्रकारों की आर्थिक स्थिति पर भी चिंतन की आवश्यकता बताई।
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ओजस्वी वक्ता राजेन्द्र जैन महावीर, सनावद ने पूज्य क्षुल्लक गणेशप्रसादजी वर्णी की जन्मजयंती का स्मरण करते हुए उनके जैन संस्कृति और शिक्षा के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांत बताते हुए कहा कि पत्रकार होना अलग है और जैन पत्रकार होना अलग। जैन पत्रकार की जिम्मेदारी सामान्य पत्रकार से अधिक व्यापक है। उन्होंने कहा कि खबर सनसनी नहीं, समाज को जोड़ने वाली हो और ऐसी हो जिसे प्रकाशित करने के बाद वापस लेने की आवश्यकता न पड़े।
राजेन्द्र जैन महावीर ने जनगणना-2027 में प्रत्येक परिवार से धार्मिक पहचान ‘जैन’ दर्ज कराने का आह्वान किया। आगरा से आई विभा जैन एवं रुचिका जैन ने पीपीटी के माध्यम से इस विषय पर विचार रखते हुए जैन जनगणना में सक्रिय होने का आह्वान किया।
एक्सप्रेस न्यूज के सनत जैन, जबलपुर ने कहा कि संस्कारवान लोगों की सक्रिय भागीदारी से समाज और पत्रकारिता दोनों अधिक सशक्त होते हैं। पूर्व विधायक व जैन पत्रकार महासंघ के संरक्षक सुनील जैन सागर ने अपने उद्बोधन में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और निर्भीकता बनाए रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पत्रकारों को बिना भय और निडर होकर जनहित के विषयों को आगे लाने तथा पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। निधि जैन, दैनिक आचरण ने जैन समाज की घटती जनसंख्या पर चिंता प्रकट की।
सम्मेलन में जैन तीर्थों एवं धर्मायतनों के संरक्षण-संवर्धन में पत्रकारिता की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने तीर्थों की ऐतिहासिकता, विरासत और धार्मिक महत्व को सामने लाने तथा संरक्षण के लिए जनजागरण की आवश्यकता बताई। बुंदेलखंड के संयोजक भरत सेठ घुवारा का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
सम्मेलन में जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेन्द्र जैन महावीर, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन बडजात्या, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री महेंद्र बैराठी, सुनील जैन पूर्व विधायक सागर, निधि जैन दैनिक आचरण सागर, शरद जैन, महालक्ष्मी चैनल दिल्ली, सुरेन्द्र कुमार जैन बडजात्या, सुरेन्द्र प्रकाश जैन, मनोज सोगानी, श्रेयांश जैन, तपेश जैन, डॉ. मंजुला जैन, प्रकाश मोदी, प्रदीप कुमार जैन, प्रियेश जैन रायपुर, डॉ. कल्पना जैन नोएडा, राजेन्द्र जैन सागर, मनीष जैन उदयपुर, राजेश जैन, संजय जैन छाजेड धमतंरी, सोरव विद्यार्थी, आशीष जैन दमोह सहित देशभर से पत्रकार एवं समाजजन उपस्थित रहे।
आयोजन में प्रकाश मोदी एवं प्रदीप कुमार जैन की विशेष भूमिका रही। मंच संचालन प्रदीप जैन विश्व परिवार रायपुर, प्रकाश मोदी पारस चैनल एवं अनामिका बाकलीवाल इंदौर ने किया। अंत में अतिथियों एवं पत्रकारों का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया।
सुंदर, सुसज्जित और समन्वयकारी व्यवस्थाओं तथा आयोजन को श्रेष्ठ और उपयोगी बनाने के लिए प्रकाश मोदी और प्रदीप जैन को महासंघ ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश तिजारिया ने कहा कि रायपुर का सम्मेलन सार्थक रहा और पत्रकारों को बहुत सीखने को मिला। राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने कहा कि व्यक्तिगत संपर्क से बड़ी संख्या में पत्रकारों को एकत्रित कर समयबद्ध आयोजन से समाज को दिशा मिलेगी। राजेन्द्र जैन महावीर ने कहा कि प्रदीप और प्रकाश की जोड़ी ने जो आलोक फैलाया है और मुनि श्री आगम सागर जी ने जो मार्गदर्शन दिया है, वह समय के लिए आवश्यक था।
सुखद यादों के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
प्रेषक—उदयभान जैन, जयपुर | मो. 94143-06696