झाड़ोल कॉलेज हॉल में विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा और पॉक्सो एक्ट की जानकारी देतीं वक्ता।   

झाड़ोल स्थित जे.आर. शर्मा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 03 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तहत महिला सुरक्षा पर वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. एम.के. जैन ने की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दीप्ती चोपड़ा एडवोकेट एवं लीगल काउंसलर पुलिस थाना झाड़ोल रहीं। उन्होंने स्वयंसेवकों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देकर जागरूक किया।

मुख्य वक्ता ने बताया कि लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भारत में बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया एक अत्यंत सख्त और विशेष कानून है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को 'बालक' माना गया है, चाहे उसका लिंग कुछ भी हो।

उन्होंने बताया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले विभिन्न प्रकार के यौन हमलों, उत्पीड़न और शोषण के मामलों में त्वरित और कठोर न्याय सुनिश्चित करना इस कानून का मुख्य उद्देश्य है। पॉक्सो एक्ट के प्रावधान लड़के और लड़की दोनों पर समान रूप से लागू होते हैं।

वार्ता के दौरान पॉक्सो एक्ट से जुड़ी विशिष्ट जानकारी, इसकी धाराओं और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में भी सम्पूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य एवं 80 स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद एन.एस.एस. प्रभारी एवं महाविद्यालय संस्कृत व्याख्याता डॉ. अनिता गन्ना ने दिया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को महिला सुरक्षा और बच्चों से संबंधित लैंगिक अपराधों के मामलों में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों तथा रिपोर्टिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

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