पलाना कलां में सार्वजनिक भूमि पर दोबारा निर्माण का आरोप, कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण पहुंचे एसडीएम
पलाना कलां में हनुमान मंदिर के पास सार्वजनिक आबादी भूमि पर कथित दोबारा अतिक्रमण और निर्माण का मामला मावली उपखंड अधिकारी तक पहुंच गया है। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर तत्काल मौका निरीक्षण, निर्माण रुकवाने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
तस्वीर में पलाना कलां गांव के ग्रामीण सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के मामले को लेकर मावली उपखंड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
ग्राम पंचायत पलाना कलां में हनुमान मंदिर के पास स्थित सार्वजनिक आबादी भूमि पर कथित रूप से दोबारा अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने का मामला अब मावली उपखंड अधिकारी तक पहुंच गया है। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने मावली उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, उक्त सार्वजनिक भूमि से करीब पांच वर्ष पूर्व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद अब उसी भूमि पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इस संबंध में शिकायतकर्ता महेन्द्र जाट ने ग्राम विकास अधिकारी, विकास अधिकारी एवं सरपंच को शिकायत प्रस्तुत की थी।
शिकायत मिलने के बाद विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से मौके पर सार्वजनिक नोटिस भी लगाया गया, जिसमें निर्माण कार्य तत्काल बंद करने तथा आदेश की अवहेलना करने पर अवैध निर्माण ध्वस्त करने और नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश और नोटिस जारी होने के बावजूद मौके पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत निर्माण कार्य और नींव की खुदाई लगातार जारी रही। शिकायतकर्ता महेन्द्र जाट का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी से कई बार कार्रवाई की जानकारी लेने पर हर बार "नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी" कहकर बात समाप्त कर दी गई, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
उपरपंच पारस खटीक ने बताया कि इस संदर्भ में गुरुवार को कोरम रखा गया था, लेकिन प्रशासक के मौजूद नहीं होने से कोरम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को मावली उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले का तत्काल मौका निरीक्षण करवाने, सार्वजनिक आबादी भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने तथा अतिक्रमण हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है। साथ ही पूर्व में जारी निर्देशों की पालना नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को समय रहते नहीं रोका गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब पूरे मामले में ग्रामीणों की नजर मावली उपखंड अधिकारी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।