तस्वीर में कलाकार मंच पर प्रस्तुति देते हुए दिखाई दे रहे हैं।

उदयपुर में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर काकोरी क्रांति की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर क्रांतिकारियों के बलिदान और संघर्ष की गाथा जीवंत होगी। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ और सभ्यता अध्ययन केन्द्र नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 14 अगस्त को काकोरी क्रांति गाथा नाट्य का मंचन किया जाएगा।

यह आयोजन 14 अगस्त शाम 5 बजे रवीन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के नवीन सभागार में आयोजित होगा। भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के उद्देश्य से 9 अगस्त 1925 को हुई काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस नाट्य मंचन का आयोजन किया जा रहा है।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि काकोरी क्रांति ने अंग्रेज सरकार को हिलाकर रख दिया था। अंग्रेजों के विरुद्ध मोर्चा खोलने वाले राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह जैसे भारत माता के वीर सपूतों में से पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी, जिसे इन वीर क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते स्वीकार किया।

उन्होंने बताया कि काकोरी क्रांति ने देशभर के युवा क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया और स्वाधीनता आंदोलन को गति प्रदान की। इसी ऐतिहासिक क्रांति गाथा की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यह नाट्य मंचन किया जा रहा है।

सभ्यता अध्ययन केन्द्र राजस्थान चैप्टर के संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि इस आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र और रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय सहयोगी हैं। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी आमंत्रित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक अश्विन दलवी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन करेंगे।

प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि इसी कार्यक्रम के दौरान 16 सितम्बर से 26 सितम्बर तक आयोजित होने वाले 10 दिवसीय दिवेर विजय महोत्सव के पोस्टर का विमोचन भी किया जाएगा।

इस वर्ष दिवेर विजय महोत्सव के अंतर्गत पुरालिपि, लघु फिल्म निर्माण कार्यशाला, मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक, विभिन्न विषयों पर संवाद सत्र सहित चित्रकला, निबंध, भाषण, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, रील मेकिंग और फोटोग्राफी जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

सक्सेना ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में दर्शनार्थियों के लिए 14, 15 और 16 अगस्त को शुल्क में छूट दी जाएगी। इन तीनों दिनों में दर्शनार्थी 50 रुपए शुल्क में ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के दर्शन कर सकेंगे।

काकोरी क्रांति गाथा नाट्य मंचन और दिवेर विजय महोत्सव के आयोजन के माध्यम से उदयपुर में ऐतिहासिक स्वतंत्रता संग्राम और मेवाड़ के शौर्य से जुड़ी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

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