मजदूर किसान हक संगठन ने कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति की 15 सूत्री मांगों को लेकर 24 से 26 अगस्त 2026 तक दिए जा रहे धरने का समर्थन किया है और उसमें सम्मिलित होने का निर्णय लिया है। यह निर्णय हक संगठन की तहसील कमेटी की मासिक बैठक में लिया गया।

बैठक में उपाध्यक्ष शांतिलाल अहारी ने बताया कि कुक कम हेल्पर महिलाओं में ज्यादातर विधवा या तलाकशुदा हैं, जो बच्चों को माताओं की तरह खाना खिलाने का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि कुक अपने घर तथा गांव में भी मौत होने पर अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं और छुट्टी नहीं मार सकती हैं।

हक संगठन के सचिव शान्ति लाल डामोर ने बताया कि कुक को हर हाल में खाना पकाना पड़ता है, जबकि उन्हें केवल 76 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। उन्होंने कहा कि कुक अपनी मांगों के लिए लगातार ज्ञापन आदि देकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन सरकार महिलाओं की एक नहीं सुन रही है। इसलिए उन्हें मजबूर होकर तीन दिन का धरना देना पड़ रहा है।

तहसील कमेटी सदस्य दिनेश मेघवाल ने चेतावनी दी कि महिला सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो क्षेत्र के गरीब मजदूर किसान भी पूरे जोर-शोर से समर्थन में उतरेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

बैठक में बिलख, जवास, झुंथरी, भूदर, कोजावाडा़, मसारो की ओबरी, सरेरा व उदयपुर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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