मावली नगर पालिका टेंडर विवाद: विपक्षी पार्षदों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
मावली नगर पालिका में दशहरा और पशु मेले के टेंडरों में पारदर्शिता की मांग को लेकर विपक्षी पार्षदों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
तस्वीर में मावली उपखंड कार्यालय में अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए विपक्षी पार्षद और जनप्रतिनिधि नजर आ रहे हैं।
मावली नगर पालिका में आगामी दशहरा मेले और श्री चामुंडा माता पशु मेले के टेंडरों को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। विपक्षी पार्षदों ने टेंडर प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की आशंका जताते हुए उपखंड अधिकारी मावली को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच के साथ पक्ष-विपक्ष के पार्षदों को शामिल कर संयुक्त कमेटी गठित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका में दशहरा एवं चामुंडा माता पशु मेले के टेंडरों को लेकर सार्वजनिक सूचना के अभाव के कारण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ज्ञापनकर्ताओं ने संभावित अनियमितताओं की आशंका जताते हुए स्पष्ट किया कि वे किसी भी परिस्थिति में अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से जुड़े कार्यों में निष्पक्षता और पारदर्शिता आवश्यक है।
विपक्षी पार्षदों ने मांग की कि टेंडर प्रक्रिया की निगरानी के लिए पक्ष-विपक्ष के पार्षदों को शामिल करते हुए संयुक्त कमेटी गठित की जाए। टेंडर से संबंधित सूचनाएं और शर्तें सार्वजनिक की जाएं, ताकि सभी पात्र ठेकेदारों को समान अवसर मिल सके। इसके साथ ही, जिस दिन टेंडर की प्रतिलिपि जारी हो, उसी दिन नियमानुसार टेंडर खोले जाएं। यदि किसी कारणवश उसी दिन टेंडर खोलना संभव नहीं हो, तो निर्धारित तिथि और समय की जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाए।
ज्ञापन में संपूर्ण टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। पार्षदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली में जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि नगर पालिका किसी एक पक्ष की निजी संस्था नहीं, बल्कि जनता की संपत्ति है। सार्वजनिक धन से जुड़े कार्यों में मनमानी, पक्षपात और विपक्ष की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मांगें नहीं मानीं तो लोकतांत्रिक विरोध की चेतावनी
ज्ञापनकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनहित में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण विरोध करेंगे। उन्होंने उपखंड अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर आगामी दशहरा एवं श्री चामुंडा माता पशु मेले की टेंडर प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने की मांग की। अब टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उठाई गई आशंकाओं की जांच को लेकर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।