चंगेड़ी विद्यालय में सीबीईओ प्रेरणा नौशल्या का औचक निरीक्षण, शिक्षकों को दिए शैक्षिक उन्नयन के निर्देश
मावली CBO ने चंगेड़ी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षिक व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के स्तर का जायजा लिया।
मावली CBO प्रेरणा नौशल्या चंगेड़ी के सरकारी स्कूल की कक्षा में विद्यार्थियों से संवाद करती हुई।
फतहनगर। मावली की मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रेरणा नौशल्या ने मंगलवार को सम्बलन कार्यक्रम के तहत चंगेड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षिक व्यवस्थाओं और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने कक्षाओं में विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर का आकलन किया और शिक्षकों को विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति में सुधार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीबीईओ प्रेरणा नौशल्या ने विद्यालय की शैक्षिक, सह-शैक्षिक एवं भौतिक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने सभी कक्षाओं का बारीकी से निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों से पढ़ाई से संबंधित जानकारी प्राप्त की और उनके शैक्षिक स्तर को परखा। इस दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद सीबीईओ ने विद्यालय के शिक्षकों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने शैक्षिक उन्नयन पर जोर देते हुए शिक्षकों को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने तथा तैयार की गई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सूरजमल जीनगर ने सीबीईओ प्रेरणा नौशल्या का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य श्रीमती खुशनुमा बानो, व्याख्याता श्रीमती संतोष स्वामी एवं श्रीमती मधुबाला मंडोवरा, वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती मधुबाला चाष्टा, आमना खातून, भगवतीलाल चपलोत, गणेशलाल सालवी, शंकरलाल चावड़ा, जगदीश सिंह, भंवरलाल तेली, राकेश कुमार मीणा, वीरेंद्र सिंह, मधु सेन, पूजा चौधरी, महिमापाल, रुक्मण विश्नोई, नीकिता सोनी, हिमांशु वैष्णव, जयंती सेठिया, मीनाक्षी मीणा, लक्ष्मीकांता मीणा, प्रियंका बैरवा तथा कार्यालय वरिष्ठ सहायक खुशबू मीणा सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा और शिक्षकों को दिए गए निर्देशों के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार के लिए योजनाबद्ध कार्य पर जोर दिया गया।