मावली में श्री चामुंडा माता मेले की व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। नगर पालिका के कांग्रेस पार्षदों ने आयोजन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। पार्षदों का कहना है कि धार्मिक आयोजन में सभी जनप्रतिनिधियों को समान महत्व मिलना चाहिए, लेकिन मेले के दौरान कांग्रेस पार्षदों की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा से चुनाव हारे प्रत्याशियों के नाम निमंत्रण कार्ड में शामिल करने और उन्हें सम्मानित किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्षदों के अनुसार, मेला कमेटी में उनके नाम शामिल होने के बावजूद मेला शुरू होने के दूसरे दिन तक उन्हें आयोजन और व्यवस्थाओं से संबंधित कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने इसे महज औपचारिकता बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

निमंत्रण कार्ड में मावली विधायक पुष्कर लाल डांगी का नाम और फोटो नहीं होने पर भी कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि कार्ड पर भाजपा के विधानसभा प्रभारी और सांसद का फोटो भी शामिल नहीं किया गया। पार्षदों ने सवाल उठाया कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ उन्हें उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।

विवाद पर नगर पालिका अध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा कि मेला कमेटी के संबंध में सूचना दे दी गई थी। उन्होंने किसी भी पार्षद का सम्मान समारोह आयोजित किए जाने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि किसी पार्षद का सम्मान नहीं किया गया। वहीं, निमंत्रण कार्ड पर विधायक का नाम या फोटो नहीं होने के सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि कार्ड किसने बनवाया था, इस संबंध में संबंधित व्यक्ति से बात की जाएगी।

कांग्रेस पार्षदों की नाराजगी और नगर पालिका अध्यक्ष की सफाई के बाद श्री चामुंडा माता मेले के आयोजन में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता का मुद्दा चर्चा में आ गया है। धार्मिक आयोजन में समन्वय और सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने को लेकर उठे सवालों के बीच अब निमंत्रण कार्ड और आयोजन संबंधी सूचना को लेकर सामने आए विवाद पर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

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