तस्वीर में कमरे में बैठे बुजुर्ग व्यक्ति को स्मृति-चिह्न और पुस्तक भेंट करते समाजजन।

खेरवाड़ा। श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज खड़क क्षेत्र जवास की नवीन कार्यकारिणी ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष बछ बारस के अवसर पर समाज के शतायु स्वजनों के सम्मान की अभिनव पहल करते हुए उनके जीवन-संघर्ष, अनुभव, संस्कार और समाज के प्रति योगदान को नमन किया। समाज अध्यक्ष हरीश पानेरी के नेतृत्व में समाजजन शतायु स्वजन तुलसीराम मेहता (बावलवाड़ा) एवं सूरज देवी (थाणा) के निवास पर पहुंचे और परिवारजनों की उपस्थिति में उनका आत्मीय अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

त्रिमेस प्रवक्ता जयेश व्यास ने बताया कि सम्मान समारोह के दौरान शतायु स्वजनों को माला पहनाकर, शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर धार्मिक साहित्य के साथ जज साहब विजय कुमार व्यास द्वारा रचित ‘जवास—ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर’ जैसी ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक महत्व की पुस्तक भी भेंट की गई।

समाजजनों ने कहा कि शतायु स्वजनों का सम्मान महज उनकी दीर्घायु का अभिनंदन नहीं, बल्कि उनके जीवन-संघर्ष, तप, अनुभव, संस्कार और समाज के प्रति किए गए अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। उनके जीवन की यात्रा में बीते समय की स्मृतियां, वर्तमान पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन और आने वाले कल के लिए प्रेरणा समाहित है। वयोवृद्ध समाज की ऐसी जीवंत धरोहर हैं, जिनसे नई पीढ़ी अपनी जड़ों, परंपराओं और संस्कारों से जुड़ती है। ऐसे आयोजनों से वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होने के साथ पीढ़ियों के बीच आत्मीय संवाद और सामाजिक एकजुटता को भी नई दिशा मिलती है।

समाज की नवीन कार्यकारिणी द्वारा शुरू की गई यह पहल समाज में सकारात्मक एवं रचनात्मक चेतना का संदेश देती है। समाजजनों ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में वरिष्ठजनों के अनुभवों और उनके योगदान को सम्मान देना नई पीढ़ी को संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शतायु स्वजनों के परिजनों ने समाजजनों का स्नेहिल एवं भावभीना स्वागत किया तथा इस आत्मीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

समाज अध्यक्ष हरीश पानेरी ने कहा कि एकलिंग दादा से मंगलकामना है कि समाज के वयोवृद्ध स्वजनों का स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सदैव समाज पर बना रहे। उनके अनुभवों की अमूल्य छाया आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देती रहे और समाज में संस्कार, एकता एवं आत्मीयता की भावना और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कहा, “वयोवृद्धों का सम्मान हमारी संस्कृति का गौरव है, उनका अनुभव हमारी अमूल्य धरोहर है और उनका आशीर्वाद समाज की सबसे बड़ी शक्ति है।”

इस अवसर पर संरक्षक शांतिलाल व्यास एवं शंभूलाल मेहता, महामंत्री प्रवीण जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश व्यास, उपाध्यक्ष देवनारायण जोशी, संगठन मंत्री महादेव प्रसाद व्यास एवं महिपाल व्यास, कोषाध्यक्ष हेमेंद्र उपाध्याय, सहकोषाध्यक्ष अनिल व्यास, पर्यटन प्रभारी मनोज मेहता सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध समाजजन उपस्थित रहे। शतायु स्वजनों के सम्मान की यह पहल वरिष्ठ पीढ़ी के अनुभवों और आशीर्वाद को सामाजिक विरासत के रूप में सम्मान देने का संदेश देती है।

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