खेरोदा में पारंपरिक पोशाक पहने महिलाएं गाय और बछड़े की पूजा-अर्चना करती हुई।

खेरोदा, 08 सितम्बर 2026। खेरोदा कस्बे में पुत्र की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक बछ बारस का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में गोमाता और बछड़े का विधि-विधान से पूजन किया। गाय और बछड़े को तिलक लगाकर रोली-मौली बांधी गई। इसके बाद हरा चारा और अंकुरित अनाज खिलाकर उनकी सेवा की गई तथा परिवार के कल्याण का आशीर्वाद मांगा गया। पूजा-अर्चना के बाद माताओं ने अपने बच्चों को नारियल भेंट कर उनकी लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पर्व की परंपरा के अनुसार घरों में विशेष खान-पान तैयार किया गया। दिनभर गेहूं और चाकू से कटी हुई किसी भी खाद्य सामग्री का पूरी तरह त्याग रखा गया। भोजन में विशेष रूप से मक्की की रोटी, अंकुरित मोट-मूंग और बिना कटी पारंपरिक सब्जियां बनाकर भोग लगाया गया।

बछ बारस पर्व को लेकर दिनभर ग्रामीण अंचल में धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा। महिलाओं ने परंपरागत विधि से गोमाता और बछड़े की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, बच्चों की लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

फोटो 01: खेरोदा में बछड़े और गोमाता की पूजा-अर्चना करती हुई महिलाएं

फोटो: बुद्धि प्रकाश पाराशर, खेरोदा

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