खेरोदा में श्रीमद्भागवत कथा शुरू, पूज्य अनुज महाराज ने बताया भागवत महात्म्य
राजश्री वाटिका में पूजन-अर्चन से धार्मिक अनुष्ठान का हुआ शुभारंभ, व्यासपीठ से अनुज महाराज ने मेवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर और एकलिंग नाथ जी का किया स्मरण।
खेरोदा के राजश्री वाटिका में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ पर पूजन करते कथावाचक।
खेरोदा में 08-09-2026 को राजश्री वाटिका में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कथा स्थल भक्ति और श्रद्धा के माहौल में डूब गया तथा पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।
कार्यक्रम की शुरुआत व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक पूज्य अनुज महाराज ने गणपति वंदना और श्रीमद्भागवत महापुराण के पूजन-अर्चन के साथ की। विधिवत पूजन के बाद महाराजश्री ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह को भागवत श्रवण की महत्ता समझाई।
कथा के दौरान मेवाड़ की पावन धरा और उसकी सांस्कृतिक धरोहर का स्मरण करते हुए अनुज महाराज ने कहा, "मेवाड़ के असली राजा तो केवल देवाधिदेव महादेव एकलिंग नाथ जी हैं, बाकी सब तो उनके सेवक और दीवान मात्र हैं।" उनके इस उद्बोधन के साथ ही पूरा पांडाल भगवान एकलिंग नाथ और बांके बिहारी के जयकारों से गूंज उठा।
पहले ही दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया। कथा के अंत में आरती की गई और सभी भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम की तस्वीर बुद्धि प्रकाश पाराशर, खेरोदा द्वारा उपलब्ध कराई गई।