खेरवाड़ा में कांग्रेस ओबीसी विभाग की नई कार्यकारिणी गठित, देखें सूची
ब्लॉक अध्यक्ष गौतम लाल पटेल ने नई कार्यकारिणी का विस्तार कर संगठन को मजबूत करने और ओबीसी हितों के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
खेरवाड़ा। राजस्थान कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के संगठनात्मक विस्तार के तहत खेरवाड़ा में नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रदेशाध्यक्ष हरसहाय यादव के निर्देशानुसार, खेरवाड़ा विधायक डॉ. दयाराम परमार एवं देहात ओबीसी विभाग उदयपुर के अध्यक्ष कमलेश पटेल के मार्गदर्शन में खेरवाड़ा कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष गौतम लाल पटेल ने संगठन का विस्तार किया।
नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर अमृतलाल पटेल, कोदरलाल बारोट, जयंतिलाल सुथार, प्रकाश चंद्र कलाल (कनबई), द्रविड सिंह गुर्जर एवं शंकर लाल प्रजापत को नियुक्त किया गया। महासचिव पद पर धर्मेंद्र कलाल (खानमीन), जगदीश कलाल एवं यशवंत कलाल (खाण्डी ओबरी) को जिम्मेदारी दी गई। सचिव पद पर दिलीप कुमार प्रजापत, बाबूलाल पटेल, भगवती लाल पंचाल, रामचंद्र कलाल, कांतिलाल पटेल (नगर) एवं मयूर पटेल को नियुक्त किया गया। कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दिनेश कुमार पटेल को सौंपी गई।
संगठन विस्तार के क्रम में विभिन्न मंडलों में भी पदाधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं। जवास मंडल अध्यक्ष हीरालाल पटेल, उपाध्यक्ष भगवती लाल कलाल एवं सचिव नारायण पटेल नियुक्त किए गए। भाणदा मंडल अध्यक्ष सुखलाल पटेल, उपाध्यक्ष गौतम लाल पटेल (भाणदा) एवं सचिव मणीलाल पटेल बनाए गए। नवाघरा मंडल में अध्यक्ष अश्विन कुमार पंचाल, उपाध्यक्ष देवीलाल कलाल एवं सचिव जितेन्द्र कुमार गाड़िया लोहार को जिम्मेदारी दी गई।
चित्तौड़ा मंडल अध्यक्ष विरेन्द्र दर्जी (छाणी), उपाध्यक्ष मुकेश कुमार पंचाल एवं सचिव गजेन्द्र कलाल नियुक्त किए गए। पाटिया मंडल अध्यक्ष कपिल चंद्र पंचाल, उपाध्यक्ष शैतान सिंह गुर्जर एवं सचिव प्रकाश चंद्र कलाल (कनबई) को नियुक्त किया गया। नयागांव मंडल में अध्यक्ष खेमराज पटेल, उपाध्यक्ष लोकेश कलाल (करवाड़ा) एवं सचिव राकेश पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा ओबीसी समाज के हितों के लिए सक्रियता से कार्य करने का संकल्प लिया। खेरवाड़ा ओबीसी विभाग के विस्तार के साथ ब्लॉक और विभिन्न मंडलों में कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलने से नई कार्यकारिणी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।