खेरवाड़ा का बागलिया आम्बा श्मशान बदहाल, मौत के बाद भी नहीं मिल रही चैन की सुविधा
खेरवाड़ा के बागलिया आम्बा श्मशान की बदहाली सामने आई। गंदगी, झाड़ियां, कीचड़ और खराब सुविधाओं के बीच पंचायत ने चाबी संभाली।
तस्वीर में खेरवाड़ा के श्मशान गृह परिसर में कुछ लोग और ग्रामीण एकत्रित नजर आ रहे हैं, जहां टीनशेड और मार्ग पर घास-फूस व झाड़ियां फैली हुई हैं।
नगर की आबादी के बीच रानी रोड पर स्थित निकटतम और एकमात्र पुराने श्मशान गृह की हालत अब बदहाली और अव्यवस्था में पहुंच गई है। बागलिया आम्बा श्मशान गृह में जगह-जगह गंदगी, झाड़ियां और घास-फूस जमा है, वहीं बैठने के लिए लगाई गई बेंच भी घास में दब चुकी हैं। दाह संस्कार मार्ग पर कीचड़ और घास उग आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खेरवाड़ा विकास मंच के संयोजक ने बताया कि कुछ वर्ष पहले खेरवाड़ा के कुछ गणमान्य नागरिकों ने पहल करते हुए दानदाताओं के जनसहयोग से राशि एकत्र कर श्मशान गृह के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया था। इसके तहत दाह संस्कार के लिए टीनशेड, जनसमुदाय के बैठने के लिए पक्का शेड, मुख्य दरवाजा, स्नानघर, पानी की टंकी और बैठने के लिए बेंच आदि लगवाई गई थीं।
जीर्णोद्धार के बाद भी व्यवस्था को नियमित बनाए रखना चुनौती बना रहा। हर माह जनसहयोग से एकत्रित राशि से चौकीदार का वेतन चुकाना भी मुश्किल हो गया। ऐसी स्थिति में नगर का एकमात्र श्मशान गृह अब जीर्ण-शीर्ण होकर गंदगी, झाड़ियों और घास-फूस से अटा पड़ा है।
श्मशान गृह में बने स्नानघर और ट्यूबवेल की हालत भी खराब है। स्थिति ऐसी है कि वहां जाकर कोई स्नान करना नहीं चाहता। दाह संस्कार मार्ग पर कीचड़ और घास उग आने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है, जबकि परिसर में बैठने के लिए लगाई गई बेंच घास में दब चुकी हैं।
बताया गया कि अब तक श्मशान गृह की व्यवस्था कमेटी देख रही थी। इसी कारण पंचायत प्रशासन ने भी वहां कोई कार्य करना उचित नहीं समझा। हाल ही में नागरिकों की शिकायत के बाद सरपंच लक्ष्मीदेवी ने कहा था कि यदि कमेटी द्वारा पंचायत को चाबी सौंपी जाएगी तो पंचायत इसकी सार-संभाल कर विकास करेगी।
इसके बाद हाल ही में श्मशान गृह के विकास और व्यवस्था के लिए कमेटी ने चाबी पंचायत प्रशासन को सौंप दी है। चाबी सौंपे जाने के बाद अब श्मशान गृह की व्यवस्थाओं में सुधार की जिम्मेदारी पंचायत प्रशासन पर आ गई है।
खेरवाड़ा विकास मंच ने पंचायत प्रशासन से आग्रह किया है कि श्मशान गृह परिसर से घास-फूस और झाड़ियां हटाई जाएं, पूरे परिसर में रोड टाइल लगवाई जाएं तथा खुले स्नानघर की सफाई के साथ पानी और रोशनी की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
सरपंच लक्ष्मीदेवी ने शीघ्र मौके पर जाकर सभी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने का आश्वासन दिया है। अब पंचायत प्रशासन द्वारा श्मशान गृह की चाबी संभालने के बाद नागरिकों की मांगों और लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं के समाधान की उम्मीद जगी है।