खैरवाड़ा में निकली जवारों की शोभायात्रा, हवन-पूजन के साथ नवरात्र संपन्न
महंत भारत भूषण जोशी के सानिध्य में निकली जवारों की शोभायात्रा, बाबा रामदेव मंदिर चौक में हुआ हवन और पूर्णाहुति।
खैरवाड़ा में नवरात्र समापन पर हवन और पूजन करते हुए श्रद्धालु।
खैरवाड़ा में श्री रुद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ (किले वाली माता) से मंगलवार को जवारों की शोभायात्रा निकाली गई। महंत भारत भूषण जोशी के सानिध्य में मां रुद्राणी की आज्ञा से निकली इस शोभायात्रा में महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग श्रद्धाभाव से शामिल हुए। वहीं, बाबा रामदेव मंदिर चौक में चल रहे 10 दिवसीय नवरात्र कार्यक्रम का समापन हवन, पूजन और आहुतियों के साथ हुआ।
श्री रुद्राणी महाकालिका शक्तिपीठ से निकली जवारों की शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालुओं ने गरबा रास के माध्यम से स्तवन करते हुए जवारों का पूजन किया। मुख्य यजमान अंकिता-विवेक पंचाल, सागवाड़ा परिवार ने आरती प्रारंभ की, जिसके बाद उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु ने निराजन किया। महंत भारत भूषण जोशी ने जवारों को नमन किया और इसके बाद जल प्रवाहित कराया गया।
शोभायात्रा के पुनः शक्तिपीठ लौटने पर संरक्षक पंडित कृष्णगोपाल जोशी के सानिध्य में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष बजरंग लाल अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन में श्री रुद्राणी गरबा मंडल, श्री अंबाजी सेवा समिति, श्री गणपति नवयुवक मंडल, श्री शीतला माता मित्र मंडल, श्री बाबा रामदेव गरबा मंडल और ग्राम पंचायत का योगदान सराहनीय रहा।
इधर, बाबा रामदेव मंदिर चौक में आयोजित 10 दिवसीय नवरात्र कार्यक्रम का समापन आचार्य जगदीश प्रसाद व्यास के सानिध्य में हवन, पूजन और आहुतियों के साथ हुआ। मंदिर चौक का पांडाल भव्य रोशनी और फूलों से सजाया गया था। आचार्य व्यास के अनुसार, मुख्य यजमान पंकज कल्याणा और लक्ष कल्याणा ने मंत्रोच्चार के साथ नवग्रह, राम, शिव, गणेश और अंबाजी का आह्वान किया। इसके बाद सभी को चौक में आसन पर स्थापित कर षोडशोपचार एवं पंचोपचार मंत्रों से पूजन किया गया। इस दौरान फलों और मिठाइयों का नैवेद्य अर्पित किया गया।
हवन के लिए ईंटों को गाय के गोबर से लीपकर हवन कुंड बनाया गया और उसे गंगाजल से पवित्र किया गया। इसके बाद अग्नि का आह्वान कर हवन कुंड में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। आचार्य के निर्देशन में दुर्गा सप्तशती तथा अंबा के 108 नामों से मुख्य यजमान और उपस्थित सभी भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां दीं।
हवन के पश्चात महाआरती, पुष्पांजलि, क्षमा प्रार्थना और प्रदक्षिणा कराई गई। इस अवसर पर गौरव, निखिल, पुष्पेंद्र, ओम व्यास, लीलाधर सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। दोनों आयोजनों में धार्मिक अनुष्ठानों, सामूहिक सहभागिता और श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ नवरात्र से जुड़े कार्यक्रम संपन्न हुए।