तस्वीर में दिख रहा है कि कुछ लोग घास पर लेटे हुए घायल कर्मचारी को संभाल रहे हैं।

खैरवाड़ा में विद्युत विभाग एवं ठेका कंपनी के अधीन कार्यरत फॉल्ट रिपेयर टीम (एफआरटी) कर्मचारियों की सुरक्षा और वेतन को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जान जोखिम में डालकर विद्युत फॉल्ट सुधारने का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इसके लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। इसी बीच नयागांव क्षेत्र में कार्यरत एफआरटी कर्मचारी मुकेश मीणा के घायल होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल मुकेश मीणा की हालत गंभीर होने पर उन्हें उदयपुर एमबी हॉस्पिटल रेफर किया गया है। घटना के बाद एफआरटी कर्मचारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है।

कर्मचारियों के अनुसार कार्य के दौरान उन्हें ग्लव्स, हेलमेट, डिस्चार्ज रॉड, सेफ्टी बेल्ट सहित आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए ठेकेदार एवं सुपरवाइजर को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता एवं अधिशाषी अभियंता को लिखित ज्ञापन भी सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि ज्ञापन देने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और उन्हें बिना पर्याप्त सुरक्षा साधनों के ही विद्युत फॉल्ट सुधारने का कार्य करना पड़ रहा है।

24 घंटे तक ड्यूटी कराने और ₹6 हजार वेतन का आरोप

एफआरटी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार 24-24 घंटे तक फॉल्ट रिपेयरिंग का कार्य कराया जाता है। इसके बावजूद उन्हें कथित तौर पर मात्र ₹6,000 प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार विद्युत लाइन पर जोखिमपूर्ण कार्य के बावजूद कम वेतन और अत्यधिक कार्यभार के कारण उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नयागांव में एफआरटी कर्मचारी मुकेश मीणा के घायल होने की घटना के बाद कर्मचारियों ने विभाग और ठेका कंपनी से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, कार्य के घंटे निर्धारित करने तथा नियमानुसार वेतन एवं श्रम सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि विद्युत कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण है और सुरक्षा उपकरणों के अभाव में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। अब कर्मचारियों की शिकायतों और मुकेश मीणा के घायल होने की घटना के बाद विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।

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