तस्वीर में झाड़ोल के शिखर श्याम मंदिर में फूलों और भव्य सजावट के बीच सजी भगवान कृष्ण की अलंकृत प्रतिमा नजर आ रही है।

झाड़ोल में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शुक्रवार को शिखर श्याम ठाकुर मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। भगवान कृष्ण और शिखर श्याम के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ लड्डू गोपाल को झूला झुलाकर जन्मोत्सव मनाया।

मंदिर के पुजारी शिव शंकर सेवक और उनके पुत्र अमित सेवक ने बताया कि पौराणिक परंपरा के अनुसार प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर भगवान शिखर श्याम की प्रतिमा का पंचगव्य, गंगाजल, गोमूत्र, दूध और दही से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद लड्डू गोपाल को झूले में विराजित किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बारी-बारी से प्रभु को झूला झुलाया।

धार्मिक दृष्टि से इस बार की जन्माष्टमी को विशेष माना गया। शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र, हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बना। ज्योतिष और धार्मिक शास्त्रों में इन योगों को अत्यंत शुभ माना गया है।

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में स्थानीय भजन मंडलियों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। दिनभर भगवान के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा।

जन्माष्टमी उत्सव के तहत मंदिर परिसर के बाहर एक मटकी बांधी गई है, जिसमें दही, हल्दी और पंचामृत भरा गया है। पुजारी अमित सेवक ने बताया कि शुक्रवार देर रात भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के शुभ मुहूर्त में युवाओं की विभिन्न टोलियों द्वारा मटकी फोड़ी जाएगी। इसके बाद भव्य महाआरती होगी और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा।

इस अवसर पर मंदिर के पुजारी परिवार के भेरू लाल सेवक, मांगी लाल सेवक, बसंत सेवक, हरि शंकर सेवक, लक्ष्मण सेवक, हीरा लाल सेवक, यशपाल सिंह राठौड़, रजत वर्मा, चिन्मय धाकड़, तपिश पूर्बिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। पंचगव्य अभिषेक, दिव्य श्रृंगार, झूला उत्सव, भजन और देर रात होने वाली मटकी फोड़ व महाआरती के साथ जन्माष्टमी आयोजन धार्मिक आस्था का केंद्र बना रहा।

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