तस्वीर में बाएं से दाएं, मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में डॉ. चिरायु जोशी को महर्षि पाणिनि पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।   

खेरवाड़ा। संस्कृत भाषा, साहित्य एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए त्रिमेस जवास के डॉ. चिरायु जोशी को सत्र 2025-26 के प्रतिष्ठित ‘महर्षि पाणिनि पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

डॉ. जोशी को यह सम्मान उदयपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति कैलाश डागा, महेंद्र गिरी जी महाराज सहित अनेक विशिष्ट एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।

डॉ. चिरायु जोशी ने संस्कृत विषय में पीएचडी उपाधि पूर्ण की है। वे स्वास्तिक एजुकेशन संस्थान के निदेशक हैं और विगत कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, मार्गदर्शन एवं समाज में शिक्षा के व्यापक प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा के साथ संस्कृत भाषा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण भी उल्लेखनीय रहा है।

सम्मान प्राप्त करने पर डॉ. जोशी ने आयोजक संस्थाओं एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें शिक्षा, संस्कृत और संस्कृति की सेवा में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करेगा।

डॉ. चिरायु जोशी की इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

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