खेरवाड़ा के झुंथरी में गवरी का वलावन 6 अक्टूबर को, सवा महीने की यात्रा होगी पूरी
सवा महीने तक विभिन्न गांवों में मंचन के बाद पारंपरिक अनुष्ठानों, हाथी पूजा और दीप विसर्जन के साथ लोकनाट्य यात्रा का समापन होगा।
तस्वीर में पारम्परिक पोशाक और वेशभूषा में गवरी लोकनाट्य के कलाकार एक साथ बैठे हैं।
खेरवाड़ा उपखंड के झुंथरी गांव में जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा से जुड़ी गवरी का वलावन कार्यक्रम 6 अक्टूबर को आयोजित होगा। सवा महीने तक घर से बाहर रहकर विभिन्न गांवों में गवरी का मंचन करने वाले गवरी कलाकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ विभिन्न खेलों के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हैं।
सवा महीने तक गवरी खेलने के बाद वलावन के दिन कुम्हार के घर से हाथी की पूजा-अर्चना कर उसे लाया जाता है। इसके बाद वलावन के दिन विभिन्न प्रकार के पारंपरिक खेलों एवं कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इस दौरान माता द्वारा भाई के लिए परावणी के रूप में कपड़े और मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया जाता है तथा व्रत खुलवाने की परंपरा निभाई जाती है।
इसके बाद गवरी माता को नदी पर ले जाया जाता है, जहां पूजा-अर्चना के साथ पानी में दीपक का विसर्जन किया जाता है। इसी के साथ सवा महीने से चली आ रही गवरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का विधिवत समापन होता है।