भक्तामर पाठ में 48 दीप प्रज्वलित कर संपन्न हुआ विशेष महार्चना विधान
खेरवाड़ा के नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भक्तामर पाठ के दौरान 48 दीप प्रज्वलित कर आरती और महार्चना विधान संपन्न किया गया।
तस्वीर में खेरवाड़ा के सदर बाजार स्थित नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चतुर्दशी पर आयोजित भक्तामर पाठ के दौरान प्रज्वलित 48 दीप और महार्चना विधान का दृश्य दिखाई दे रहा है।
खेरवाड़ा कस्बे के सदर बाजार स्थित नेमीनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चतुर्दशी की देर शाम भक्तामर पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों के प्रतीक स्वरूप 48 दीप प्रज्वलित कर आरती एवं महार्चना विधान संपन्न किया गया।
जैन धर्म में भक्तामर पाठ के दौरान 48 दीप प्रज्वलित करने का विशेष आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व माना जाता है। भक्तामर स्तोत्र के 48 श्लोकों के साथ एक-एक दीप प्रज्वलित करने की परंपरा है।
समाज अध्यक्ष सतीश पंचोली एवं मंत्री सौरभ शाह ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार 48 दीप प्रज्वलित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार, नकारात्मकता का नाश तथा सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
48 दीप प्रज्वलन एवं महार्चना का लाभ भरत कुमार चंपालाल शाह परिवार ने प्राप्त किया। भक्तामर पाठ एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की और धर्मलाभ लिया। इस अवसर पर 48 दीपों से की गई आरती धार्मिक आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।