ईरान पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक, ट्रंप के आदेश के बाद बंदर अब्बास और होर्मुज क्षेत्र में धमाके|

अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी इलाकों में हवाई हमले किए हैं। जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर हमले के बाद ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

Update: 2026-07-30 02:51 GMT

अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान के बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर स्थिति का जायजा लेते हुए उपग्रह से लिया गया दृश्य।

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए मिसाइल हमलों के बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है और वैश्विक स्तर पर चिंताएं गहरी हो गई हैं।

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हालांकि जॉर्डन की सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया, लेकिन इस हमले में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबर ने वॉशिंगटन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। इस घटना के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी थी कि अब अमेरिका की बारी है और ईरान को इसका बहुत जोरदार जवाब भुगतना होगा।

इसी चेतावनी को अमलीजामा पहनाते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी बलों ने निर्धारित समयानुसार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कर्मियों पर हुए हमलों का कड़ा और सीधा जवाब है, जिसका उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकना है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों में विशेष रूप से ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया और स्थानीय समाचार एजेंसियों ने देश के दक्षिणी हिस्सों में सिलसिलेवार जोरदार धमाके सुने जाने की पुष्टि की है। ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी और तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास शहर के साथ-साथ अबू मूसा, किश और होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित केशम द्वीप पर कई धमाके दर्ज किए गए हैं। विशेष रूप से केशम द्वीप पर तीन बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जहां शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार एक रिहायशी इमारत के पास हमला होने से दो लोगों के मलबे में फंसने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा फार्स प्रांत के काजेरून शहर के बाहरी इलाकों में भी हमलों के निशान देखे गए हैं।

हालांकि कुछ स्थानीय इलाकों में बुनियादी ढांचे और फेरी सेवाओं को लेकर राहत की खबर भी सामने आई है, जैसे कि किश द्वीप के एयरपोर्ट और पैसेंजर फेरी सेवाओं पर हमलों का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह सीधा सैन्य टकराव यदि और अधिक बढ़ता है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर गंभीर संकट आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि बढ़ते तनाव को कूटनीतिक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।

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