पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर भारतीय दूतावास की दो टूक, कहा- पीओके हमेशा से भारत का अभिन्न अंग है|

अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स की पीओके रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि कोई पाकिस्तानी कश्मीर नहीं है।

Update: 2026-07-30 03:16 GMT

झंडे उठाए प्रदर्शनकारियों की भीड़ और विरोध प्रदर्शन करते लोग पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई के संदर्भ में दिखाई दे रहे हैं।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों और वहां की स्थिति को लेकर अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) की एक रिपोर्ट पर अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने कड़ी आपत्ति जताई है। अखबार की रिपोर्ट में इस क्षेत्र को 'पाकिस्तानी कश्मीर' कहे जाने पर भारतीय दूतावास ने दो टूक शब्दों में जवाब दिया है और स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई क्षेत्र अस्तित्व में नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग है। दूतावास के इस कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संवेदनशील मुद्दे पर एक बार फिर भारत के अडिग और स्पष्ट रुख को रेखांकित किया है।

विवाद की शुरुआत 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' द्वारा पीओके में कथित विधानसभा चुनावों के दौरान हुई हिंसक झड़पों पर प्रकाशित एक रिपोर्ट से हुई। अखबार ने अपनी इस रिपोर्ट का शीर्षक 'स्थानीय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू होते ही पाकिस्तानी कश्मीर में झड़पें' रखा था। इस हेडलाइन के शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अमेरिका में भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की यह हेडलाइन पूरी तरह से गुमराह करने वाली और तथ्यात्मक रूप से गलत है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि कोई 'पाकिस्तानी कश्मीर' नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र केवल 'पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर' (PoK) है।

भारतीय दूतावास ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं, हैं और हमेशा रहेंगे। बयान में आगे कहा गया कि पाकिस्तान ने इन इलाकों के कुछ हिस्सों पर गैर-कानूनी और जबरन कब्जा कर रखा है, और अब वह इन कब्जे वाले इलाकों के स्थानीय नागरिकों के खिलाफ क्रूरता और हिंसा का सहारा ले रहा है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब पीओके के भीतर स्थानीय चुनावों के दौरान वहां की अवाम का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा इस असंतोष को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर बल प्रयोग किया जा रहा है।

पीओके में चल रहे इन विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे नागरिक समूह 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) द्वारा सामने आए आंकड़ों ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। समूह के अनुसार, हाल ही में रावलकोट और मीरपुर समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच भयंकर झड़पें हुईं, जिनमें सिर्फ दो दिनों के भीतर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की गोलीबारी से 30 से ज्यादा निहत्थे प्रदर्शनकारी मारे गए और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुरक्षाबलों ने सड़कों पर खून से लथपथ प्रदर्शनकारियों की लाशों को जबरन गायब कर दिया है ताकि इस बर्बरता के सबूतों को छुपाया जा सके।

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