मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर लैंडस्लाइड का कहर, कई ट्रेनें रद्द; हजारों यात्री फंसे, बढ़ी चिंता|

भारी बारिश के कारण मुंबई-पुणे घाट सेक्शन में भूस्खलन से रेल सेवा प्रभावित, हजारों यात्री फंसे।

Update: 2026-07-06 05:50 GMT

मुंबई-पुणे घाट सेक्शन में भूस्खलन के कारण पटरियों पर जमा मलबा, जिसके चलते रेल सेवा रोकी गई है। 

महाराष्ट्र में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है, जिसका सीधा प्रभाव मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर देखने को मिल रहा है। सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन के अंतर्गत आने वाले घाट सेक्शन में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड के कारण रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। पटरियों पर भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा जमा हो जाने की वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते मुंबई और पुणे के बीच दोनों दिशाओं में रेल सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना ठाकुरवाड़ी-मंकी हिल घाट सेक्शन में किलोमीटर मार्कर 116/900 और 116/400 के बीच तथा 'अप' मेन लाइन पर किलोमीटर 114/900 के आसपास दर्ज की गई है। पटरियों पर जमा हुआ मलबा न केवल रेल संचालन के लिए असुरक्षित है, बल्कि इसे हटाने के लिए विशेष तकनीकी और मैनपावर की आवश्यकता है। रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग और ट्रैक मेंटेनेंस की टीमें युद्ध स्तर पर इस मलबे को हटाने के काम में जुटी हुई हैं, ताकि मार्ग को पुनः सुरक्षित बनाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक पटरियों की पूरी तरह से जांच नहीं कर ली जाती और मार्ग को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक सेवाओं को बहाल करना संभव नहीं है।

इस भूस्खलन के कारण जिन प्रमुख ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है, उनमें सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस, सीएसएमटी-पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस, सीएसएमटी-पुणे डेक्कन एक्सप्रेस, सीएसएमटी-पुणे डेक्कन क्वीन, सीएसएमटी-पुणे प्रगति एक्सप्रेस और सीएसएमटी-धुले एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से मुंबई, ठाणे, कल्याण, लोनावाला और पुणे के बीच यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों की योजनाएं पूरी तरह से बिगड़ गई हैं। कई यात्री रेलवे स्टेशनों पर ही फंसे हुए हैं, जबकि अन्य ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए राज्य परिवहन की बसों या निजी वाहनों का विकल्प चुना है।

रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया है कि यात्री अपनी यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक रेलवे वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबरों या एनटीईएस ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की जांच अवश्य कर लें। घाट सेक्शन में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। मौसम की बदलती स्थितियों के आधार पर भविष्य में समय-सारणी में बदलाव या अन्य ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल, रेलवे का पूरा ध्यान जल्द से जल्द रेल मार्ग को सुरक्षित बहाल करने पर केंद्रित है।

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