लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो इनामी अपराधी दिल्ली-हरियाणा पुलिस के साझा ऑपरेशन में ढेर|
लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गैंग के दो बदमाशों ने किया था जिम ट्रेनर का मर्डर, पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए
दिल्ली पुलिस का वाहन और बैरिकेड्स, जहां लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गैंग के बदमाशों के खिलाफ एक साझा ऑपरेशन चला रही हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लॉरेंस बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गिरोह से जुड़े दो कुख्यात अपराधियों को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। इन दोनों अपराधियों की पहचान परवेश और हिमांशु के रूप में हुई है, जो हरियाणा के हिसार जिले के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। इन दोनों ही बदमाशों पर हरियाणा पुलिस की ओर से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस को इन अपराधियों के हरियाणा क्षेत्र में सक्रिय होने की खुफिया जानकारी मिली थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दोनों बदमाशों पर हरियाणा के हांसी में एक जिम ट्रेनर की हत्या करने का गंभीर आरोप था। इस हत्या की वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस की जांच के दौरान इन दोनों की संलिप्तता लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग में पाई गई थी। इस गिरोह के तार संगठित अपराधों से जुड़े होने के कारण दिल्ली और हरियाणा पुलिस इन पर काफी समय से नजर रखे हुए थी।
मुठभेड़ का घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब पुलिस की संयुक्त टीमों ने अपराधियों के ठिकाने को घेर लिया और उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। पुलिस की चेतावनी को अनसुना करते हुए बदमाशों ने सीधे टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस बल ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए दोनों घायल अपराधियों को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हिंसक मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना भी प्राप्त हुई है। क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट (CI) स्पेशल सेल के कॉन्स्टेबल अंकित के पैर में गोली लगी है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।