दुबई के गोल्ड डिस्ट्रिक्ट स्थित शोरूम में प्रदर्शित किए गए 16.5 किलो वजनी सोने के विशाल झुमके।

सोने के शहर के रूप में मशहूर दुबई में एक भारतीय ज्वेलरी कंपनी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जॉयअलुक्कास ज्वेलरी (Joyalukkas Jewellery) ने सोने के झुमकों की एक ऐसी विशाल और भव्य जोड़ी तैयार की है, जिसने न केवल देखने वालों को हैरान किया, बल्कि दो बड़े गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए हैं। कंपनी की इस असाधारण कृति को आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे भारी और सबसे बड़ी सोने की बालियों की जोड़ी के रूप में मान्यता मिल गई है।

इन झुमकों का कुल वजन 16.514 किलोग्राम है, जिसे 22 कैरेट शुद्ध सोने से तैयार किया गया है। इतने वजनदार झुमकों को बनाने का काम आसान नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, इन्हें बनाने में 55 कुशल और अनुभवी कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में कुल 5,840 घंटे लगे, जो कई महीनों की कड़ी मेहनत को दर्शाता है। इन रिकॉर्ड बनाने वाले झुमकों की लंबाई 1.215 मीटर है और इनका व्यास 0.682 मीटर है। इनके डिजाइन को लेकर भी खास ध्यान दिया गया है। झुमकों का नाम 'मयूर सहस्र' रखा गया है, जिसका हिंदी अर्थ 'एक हजार मोर' होता है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इनके डिजाइन में मोर से प्रेरणा ली गई है। भारतीय संस्कृति में मोर को सुंदरता, शालीनता और गौरव का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, झुमकों में दक्षिण एशिया की शादियों में पहने जाने वाले पारंपरिक घंटी के आकार के झुमकों की झलक भी साफ दिखाई देती है।

इस भव्य कृति को पहली बार 24 अक्टूबर को दुबई के गोल्ड डिस्ट्रिक्ट स्थित ज्वेल ऑफ जॉय शोरूम में प्रदर्शित किया गया। यह एक बड़ा अवसर था और इस मौके पर यूएई के इकनॉमी और टूरिज्म मिनिस्टर अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री भी मौजूद रहे। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए खास है, बल्कि दुबई शहर के लिए भी एक नई पहचान लेकर आई है। झुमकों को बनाने की प्रेरणा के बारे में जॉयअलुक्कास ज्वेलरी के सीईओ जॉन पॉल अलुक्कास ने बताया कि यह विचार दुबई के साथ कंपनी के लंबे जुड़ाव और शहर के विकास से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि दुबई को हमेशा सोने के शहर के रूप में जाना जाता है और यह रचना शहर की इस पहचान को और मजबूत करेगी। जॉयअलुक्कास ग्रुप के चेयरमैन जॉय अलुक्कास ने इसे दुबई और इसे बनाने वाले कारीगरों के प्रति एक सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी करीब चार दशकों से दुबई के साथ-साथ आगे बढ़ी है। ये झुमके उन कारीगरों की कड़ी मेहनत का नतीजा हैं, जिन्होंने एक मुश्किल और चुनौतीपूर्ण कल्पना को हकीकत में बदल दिया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि एक ही रचना के लिए दो गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड मिलना कंपनी, उसके सभी कर्मचारियों और उन ग्राहकों के लिए गर्व की बात है जो लंबे समय से कंपनी पर भरोसा करते आ रहे हैं। जो लोग इन अनोखे झुमकों को देखना चाहते हैं, उन्हें अब ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं है। इन्हें दुबई के गोल्ड डिस्ट्रिक्ट स्थित ज्वेल ऑफ जॉय बाय जॉयअलुक्कास शोरूम में स्थायी रूप से प्रदर्शित किया गया है, जहां आम लोग भी इन्हें देख सकते हैं। अब बात करते हैं जॉय अलुक्कास की, जो केरल के मूल निवासी भारतीय कारोबारी हैं। वह जॉयअलुक्कास ग्रुप के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। अलुक्कास परिवार ने केरल के त्रिशूर में ज्वेलरी कारोबार शुरू किया था। जॉय अलुक्कास ने साल 1987 में कंपनी की शुरुआत की और साल 2001 में अपने नाम से ज्वेलरी कारोबार को आगे बढ़ाया। आज कंपनी का मुख्यालय केरल के त्रिशूर और दुबई में है और यह भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, सिंगापुर, मलेशिया, UAE, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन और ओमान समेत कई देशों में कारोबार करती है। फोर्ब्स की 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जॉय अलुक्कास की नेटवर्थ 4.4 अरब डॉलर आंकी गई थी।