ग्वालियर में दारुल कुरआन मदरसे पर प्रशासनिक और पुलिस टीम की कार्रवाई के दौरान मौजूद सुरक्षा वाहन।

ग्वालियर के एजी ऑफिस बिल्डिंग के पीछे संचालित दारुल कुरआन मदरसे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने इसे पूरी तरह सील कर दिया है। इस मदरसे से 26 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिसके बाद मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच के दौरान बाल आयोग की टीम भी शामिल रही और अधिकारियों की टीम लगातार दूसरे दिन भी वहां पड़ताल के लिए पहुंची। इस दौरान सामने आया कि यह मदरसा मात्र दो कमरों में अवैध रूप से चलाया जा रहा था, जहां बच्चों को ठूंस-ठूंसकर रखा गया था। कमरों में भारी गंदगी फैली हुई थी और वहां रहने वाली बच्चियां बुर्के में पाई गईं। कुछ बच्चियों ने मारपीट किए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई है, जबकि बच्चों का कहना था कि उन्हें वापस घर भेज दिया जाए।

रेस्क्यू किए गए इन 26 बच्चों में बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के रहने वाले बच्चे शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग राज्यों से लाकर यहां रखा गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद कुछ बच्चों के परिजन ग्वालियर पहुंचे और उन्होंने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के दफ्तर का घेराव भी किया। रेस्क्यू के बाद प्रशासनिक टीम ने बच्चों से करीब आठ घंटों तक पूछताछ की और मदरसे में होने वाली गतिविधियों की जानकारी ली।

जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि इस मदरसे में बच्चों को कोई सामान्य या स्कूली शिक्षा नहीं दी जा रही थी, बल्कि केवल धार्मिक शिक्षा ही प्रदान की जा रही थी। जांच टीम ने पाया कि बच्चों को दूसरे धर्मों की कमियां पढ़ाई जाती थीं और इस्लाम को महान बताया जाता था। मदरसे की तलाशी के दौरान दूसरे धर्मों के खिलाफ भड़काऊ अध्ययन सामग्री मिली है, जिसमें वहां पढ़ाई जाने वाली कई किताबें और सीडी शामिल हैं। प्रशासन ने इन किताबों और सीडी को जब्त कर लिया है, जिनकी आगे जांच की जाएगी। बरामद की गई किताबों में 'इस्लाम आतंक? या आदर्श', 'कल्कि अवतार और मुहम्मद साहब' तथा 'नसीमे हिदायत के झोंके' जैसी विवादित पुस्तकें मिली हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने देर रात ही इस मदरसे को पूरी तरह सील कर दिया है। इसके अलावा, इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि इस अवैध मदरसे के संचालन के लिए कहीं विदेशी फंडिंग यानी फॉरेन फंडिंग तो नहीं मिल रही थी। पुलिस और प्रशासन की टीम अब मदरसे के संचालकों और उनके नेटवर्क से जुड़ी हर कड़ी को खंगालने में जुटी हुई है।